रेल संचालन होगा और स्मार्ट, रांची मंडल में तैयार होगा अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल सेंटर

Ranchi: कंट्रोल रूम के जरिए ट्रेनों की आवाजाही, सिग्नलिंग, ट्रैक की स्थिति और परिचालन संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी. किसी भी तकनीकी खराबी, देरी या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिससे संबंधित विभागों को तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.
 

Ranchi: रांची रेल मंडल में रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. रेलवे मंडल में हाईटेक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम (Centralized Control Room) स्थापित करने की तैयारी है, जहां से मंडल के विभिन्न रेलखंडों पर चलने वाली ट्रेनों की रियल-टाइम निगरानी एक ही स्थान से की जा सकेगी. इस परियोजना का उद्देश्य ट्रेन संचालन, सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है.

कंट्रोल रूम के जरिए ट्रेनों की आवाजाही, सिग्नलिंग, ट्रैक की स्थिति और परिचालन संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी. किसी भी तकनीकी खराबी, देरी या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिससे संबंधित विभागों को तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.

इसके शुरू होने के बाद मंडल में संचालित सभी ट्रेनों की गतिविधियों पर एक ही स्थान से रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी. कंट्रोल रूम में अत्याधुनिक तकनीक से लैस बड़ी वीडियो वॉल और डिजिटल स्क्रीन लगायी जायेंगी, जिन पर ट्रेनों की लाइव लोकेशन, गति, समयपालन, परिचालन की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार प्रदर्शित होंगी.

इससे किसी भी तकनीकी गड़बड़ी, परिचालन बाधा या ट्रेन विलंब की स्थिति में अधिकारियों को तत्काल निर्णय लेने और आवश्यक कार्रवाई करने में आसानी होगी. इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन की दक्षता भी बढ़ेगी. परियोजना के तहत एक आधुनिक डिजास्टर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जायेगा. रेल दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थिति में यही केंद्र राहत एवं बचाव कार्यों का कमांड सेंटर होगा. यहां से मेडिकल, इंजीनियरिंग, आरपीएफ और अन्य विभागों के बीच समन्वय कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

यह परियोजना रांची रेल मंडल के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम शुरू होने के बाद ट्रेनों की निगरानी परिचालन प्रबंधन और आपदा नियंत्रण पूरी तरह तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी हो जायेगा, इससे यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर रेल सेवा मिलेगी.

ऐसे काम करेगा सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम

  1. रियल टाइम मॉनिटरिंगः जीपीएस, सिग्नलिंग सिस्टम और कंट्रोल नेटवर्क के माध्यम से प्रत्येक ट्रेन की लोकेशन, गति और समय की जानकारी वीडियो वॉल पर दिखाई देगी.
  2. परिचालन नियंत्रणः कंट्रोलर तय करेंगे कि किस ट्रेन को प्राथमिकता देनी है, कहां क्रॉसिंग करानी है और विलंब की स्थिति में परिचालन को कैसे संतुलित करना है.
  3. स्टेशनों से समन्वयः स्टेशन मास्टर, लोको पायलट, गार्ड, सिग्नल और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी कंट्रोल रूम से लगातार जुड़े रहेंगे. किसी भी समस्या की सूचना तत्काल यहां पहुंचेगी.
  4. बिजली और सिग्नल पर नजर: ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन, सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक में खराबी की सूचना मिलते ही संबंधित टीम को तुरंत भेजा जाएगा.
  5. आपदा प्रबंधनः दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यही कंट्रोल रूम राहत एवं बचाव कार्यों का केंद्रीय कमांड सेंटर बनेगा.
  6. यात्री सूचना प्रणाली ट्रेन विलंब, रद्द होने या मार्ग परिवर्तन जैसी सूचनाएं संबंधित स्टेशनों और सूचना प्रणालियों तक पहुंचाई जायेगी.