शराब घोटाला मामले में ACB को मिली बड़ी सफलता, पकड़ा गया झारखंड शराब घोटाले का मुख्य आरोपी...
यह बड़ी कामयाबी लंबे इंतजार के बाद मिली है. अधिकारियों के अनुसार, ACB की टीम काफी लंबे समय से छत्तीसगढ़ के कारोबारी नवीन केडिया के पीछे लगी हुई थी. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले केडिया लंबे समय से फरार चल रहे थे.
Jan 9, 2026, 11:10 IST
Jharkhand Desk: झारखंड की एंटी-करप्शन टीम शराब घोटाले से जुड़ी एक-एक कड़ियों को सुलझा रही है. इस कड़ी में ACB के हाथों में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. हाल ही में ACB की एक टीम ने नवीन केडिया को गोवा से गिरफ्तार कर लिया है, जो कथित तौर पर शराब घोटाले के मुख्य आरोपी है.
अब ACB की टीम उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर रांची ला रही है. इसके बाद केडिया को कोर्ट में पेश किया जाएगा. कस्टडी के दौरान ACB के जांचकर्ता घोटाले से संबंधित पूछताछ करेंगे. साथ ही केडिया की घोटाले से जुड़ी भूमिका पर विस्तार से पूछताछ करने के संकेत हैं.
यह बड़ी कामयाबी लंबे इंतजार के बाद मिली है. अधिकारियों के अनुसार, ACB की टीम काफी लंबे समय से छत्तीसगढ़ के कारोबारी नवीन केडिया के पीछे लगी हुई थी. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले केडिया लंबे समय से फरार चल रहे थे. इसके कारण ACB से बचने में कई बार कामयाब भी हुए, लेकिन अंत में ACB टीम को एक बड़ी सफलता मिल गई है.
इससे पहले, वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे, सेवानिवृत्त IAS अधिकारी अमित प्रकाश, झारखंड प्रशासनिक सेवा अधिकारी गजेंद्र सिंह, कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया और प्रिज्म होलोग्राफी के निदेशक विधु गुप्ता को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पहले भी बुलाया था पूछताछ के लिए
ACB ने आरोप लगाया कि नवीन केडिया पूछताछ के लिए बुलाने पर पेश नहीं होते थे. ACB सूत्रों के अनुसार, केडिया को पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था. इसके बाद भी उन्होंने इसको नजरअंदाज किया और पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. बाद में नवीन केडिया ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी भी दी थी. हालांकि अर्जी को खारिज कर दिया था. इसके बाद नवीन केडिया कानून का शिकंजा कसते देखकर छिप गए और जांच टीम से भागने लगे.
कैसे पकड़े गए नवीन?
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ACP ने नवीन को पकड़ने के लिए टेक्निकल इनपुट और ह्यूमन इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया. टीम ने लगातार निगरानी की और लंबे इंतजार के बाद ACB को नवीन का पता लगा. इसके बाद ACB की एक टीम ने गोवा जाकर नवीन को गिरफ्तार किया.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ACP की जांच में पता चला कि झारखंड शराब घोटाले के तार छत्तीसगढ़ में शराब व्यापारियों से जुड़े हुए हैं. साथ ही इनमें गहरे और संगठित संबंध बताए जा रहे हैं.
डायरी से खुले सारे राज
अधिकारियों के मुताबिक शराब घोटाले का झारखंड कनेक्शन सबसे पहले एक डायरी के जरिए सामने आया था. अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच की जा रही थी. जांच के दौरान ACB की टीम कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया के घर पहुंची और वहां टीम को एक डायरी मिली. इस डायरी को एक महत्वपूर्ण सबूत बताया जा रहा है. इसमें कथित तौर पर झारखंड में शराब व्यापार को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए एक सिंडिकेट का विस्तृत विवरण था. साथ ही बाधा डालने वाले व्यक्तियों की पहचान और उन्हें मैनेज करने की रणनीतियां भी शामिल थीं.