पीएम मोदी की ‘मन की बात’ के बाद झारखंड में सियासी संदेश, बाबूलाल मरांडी बोले– जनता को गुमराह किया जा रहा

Ranchi: कार्यक्रम के बाद बाबूलाल मरांडी ने ईंधन संकट को लेकर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश और राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में सकारात्मक सोच, राष्ट्र निर्माण और जनभागीदारी का संदेश दिया है. ऐसे समय में अफवाहों से बचना और सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करना बेहद जरूरी है.
 

Ranchi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों के साथ मन की बात की. भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अलग-अलग जगहों पर सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री की "मन की बात" सुनी. रांची में पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हरमू निगम पार्क के पास भाजपा हरमू मंडल के नेताओं के साथ बैठकर टीवी पर प्रसारित "मन की बात" सुनी.

इसके बाद मीडिया से मुखातिब हुए भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि स्वाभाविक तौर पर प्रधानमंत्री हर महीने की आखिरी रविवार को देश की जनता के साथ "मन की बात" कार्यक्रम करते हैं तो उसमें सामयिक विषयों के साथ-साथ देश भर में अलग-अलग क्षेत्र में लोगों द्वारा किए जा रहे प्रेरणादायक कार्यों को उदाहरण के साथ देशवासियों के सामने रखते हैं.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आज मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से जो चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं उसका सामना उसी तरह करने होगा, जिस तरह कोरोना काल में देश के 140 करोड़ लोगों ने मिलकर किया और विजय हासिल की थी. इस समय विश्व में और खासकर के अपने निकटवर्ती देशों में (जहां से हम ईंधन लाते हैं) वहां युद्ध चल रहा है, तो इस समय अपने देश में कई ऐसे तत्व हैं जो अफवाह फैलाकर परेशानी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री ने पहले संसद में और कई सार्वजनिक सभाओं के बाद आज "मन की बात" में भी देशवासियों से यह आग्रह किया है कि आप किसी अफवाह पर ध्यान नहीं दें. देश में ना डीजल की कमी है, ना पेट्रोल की कमी है और ना ही एलपीजी की कमी है.

अफवाहों से बचने की अपील

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह की कोई परेशानी देशवासियों को न हो. ऐसे में उनकी कही बातों और खासकर अफवाहों से दूर रहने के आह्वान पर हम सभी को अमल करना चाहिए. हम सभी को संयम और धैर्य से काम लेना चाहिए, क्योंकि युद्ध भारत के द्वारा लाया गया नहीं है, बल्कि दूसरे देशों के बीच हो रही है. उसमें भारत की कोई भूमिका भी नहीं है.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम तो हमेशा से शांति के पुजारी रहे हैं, भारत का अतीत में रहा है कि हमने कभी भी दुनिया के किसी देश के ऊपर हमला नहीं किया है, कभी किसी देश की जमीन पर कब्जा नहीं किया है. इसलिए इस युद्ध से भी भारत का कोई लेना-देना नहीं है. देश के प्रधानमंत्री देशवासियों के लिए चिंतित हैं तो हम सभी को उनकी चिंता का साथ देनी चाहिए और प्रधानमंत्री ने जो कहा कि 140 करोड़ जनता जब एक साथ खड़ी हो जाएगी तो हम इस युद्ध की वजह से होने वाले संकट को पार कर जाएंगे और इस पर हम विजय प्राप्त करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा संकट पर किसी भी अफवाह से दूर रहने की अपील के साथ-साथ पांडुलिपियों के सर्वे से जुड़ने का माध्यम के रूप में "ज्ञान भारतम एप" का जिक्र किया. जिससे लोगों ने अब तक हजारों पांडुलिपि साझा की हैं. इसके साथ-साथ भारत को दुनिया का सबसे युवा देश बताते हुए पीएम ने "मेरा युवा भारत" नाम के संगठन से युवाओं को पॉजिटिव एक्टिविटी से जोड़ने का जिक्र किया.

साथ ही जल संरक्षण पर देशभर में हो रहे अनूठे प्रयोग, फिशरीज सेक्टर में हो रहे सकारात्मक बदलाव, वाराणसी में एक साथ एक घंटे के अंदर 251000 से अधिक पौधे लगाकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान में करोड़ों पौधे लगाए गए हैं.

इसी क्रम में पीएम मोदी ने कहा कि आज की तारीख में घरों की छत पर दिख रहे सोलर पैनल बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं. PM सूर्यघर मुफ्त बिजलीघर योजना जीवन में बदलाव लेकर आया है. गुजरात की "पायल" के जीवन में बदलाव, मेरठ के अरुण कुमार, ऊर्जा दाता बजं गए हैं, जयपुर के मुरलीधर की खेती डीजल की जगह सोलर पंप आधारित हो गई है, त्रिपुरा में सोलर मिनी ग्रिड से उजाला हो रहा है. ये सब हमें प्रेरणा देती हैं कि हम भी सोलर ऊर्जा क्रांति से जुड़ें और दूसरे को भी इससे जोड़ें.