बोकारो ट्रेजरी घोटाले के बाद हजारीबाग ट्रेजरी से भी करोड़ों की फर्जी निकासी पाई गई, तीन पुलिसकर्मियों के नाम जांच में शामिल

Hazaribagh: 8 वर्षों में 15 करोड़ से अधिक रुपए की अवैध ट्रांजैक्शन हुआ है. बोकारो के बाद अब हजारीबाग में भी बड़ा स्कैम का खुलासा हुआ है. जांच के क्रम में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस अवैध निकासी में पुलिस विभाग के लेखा शाखा में कार्यरत तीन सिपाही शंभु कुमार...
 

Hazaribagh: हजारीबाग ट्रेजरी से 8 वर्षों में 15 करोड़ से अधिक रुपए की अवैध ट्रांजैक्शन हुआ है. बोकारो के बाद अब हजारीबाग में भी बड़ा स्कैम का खुलासा हुआ है. इसकी पुष्टि हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने की है. अवैध निकासी में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय, वित्त विभाग, झारखंड सरकार द्वारा किए गए डाटा एनालिसिस के अनुसार जिला कोषागार से दो बैंक खातों में विगत आठ वर्षों में कुल 15,41,41,485 रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की सूचना प्राप्त हुई.

प्राप्त सूचना पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर समाहर्ता, हजारीबाग की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया.

जांच दल द्वारा जिला कोषागार, हजारीबाग में उपलब्ध अभिलेखों एवं विपत्रों की जांच के दौरान यह पाया गया कि Temp. Pay ID बनाकर अवैध रूप से सरकारी राशि की निकासी की गई और इस राशि को अलग-अलग संदिग्ध बैंक खातों में हस्तांतरित किया गया.

जांच के बाद कुल 21 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश संबंधित बैंकों को दिया गया है. इन खातों में उपलब्ध लगभग 1.60 करोड़ रुपये की राशि को भी फ्रीज कर सुरक्षित कर लिया गया है.

जांच के क्रम में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस अवैध निकासी में पुलिस विभाग के लेखा शाखा में कार्यरत तीन सिपाही शंभु कुमार, रजनीश सिंह और धीरेन्द्र सिंह की संलिप्तता पाई गई है.

गहन पूछताछ के दौरान तीनों कर्मियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. इस संबंध में कोषागार पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा लोहसिंगना थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसका कांड संख्या 32/2026, दिनांक 08.04.2026 है.