प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन, पलामू में 125 लोगों पर एफआईआर दर्ज
Palamu: झारखंड के पलामू जिले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. अंचल अधिकारी (सीओ) के आवेदन पर 25 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
जानकारी के अनुसार, प्रशासन की टीम सरकारी कार्य के सिलसिले में संबंधित क्षेत्र में पहुंची थी. इसी दौरान कुछ ग्रामीणों के साथ विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई. आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की की गई तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई. सदर सीओ जागो महतो के आवेदन के आधार पर सदर थाना में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है. सदर थाना प्रभारी अफजाल अंसारी ने इसकी पुष्टि की है.
दरअसल, नेशनल हाइवे फोरलेन के लिए चियांकी में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. शुक्रवार को जमीन अधिग्रहण के लिए गई प्रशासनिक और पुलिस टीम के साथ ग्रामीणों की झड़प हुई थी. इस झड़प में दो पुलिस जवान जख्मी हो गए थे. झड़प की आशंका को देखते हुए चियांकी के इलाके में 09 एवं 10 जुलाई को निषेधाज्ञा लगाया गया था.
इन पर दर्ज हुई नामजद एफआईआर
सदर सीओ के आवेदन पर दंडाधिकारी सत्यम कुमार ने भी हस्ताक्षर किया है. झड़प के मामले में ग्रामीण अनिल उरांव, सुनील उरांव, पूर्णिमा देवी, अंकित कुमार, बसंती देवी, नंद किशोर पासवान, अनिल प्रसाद, शंभू शाह, अनिल उरांव की पत्नी, सुनील उरांव की पत्नी, रोहित शाह, रॉकी, विनोद साहू का बेटा, प्रमोद साहू का भतीजा, राजू साव, सोनू साव, नगू प्रसाद गुप्ता, नागेंद्र, सरजीत प्रसाद, सत्यनारायण कुमार, जोगिंदर प्रसाद पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई है.
अंचलाधिकारी ने अपने आवेदन में लिखा है कि अतिक्रमण हटाने के लिए अंतिम अवसर दिया जा रहा था. इसी क्रम में भोला और राम की पत्नी पूर्णिमा देवी भीड़ को ललकारते हुए एनएचएआई का काम रुकवाने एवं सड़क निर्माण में लगे उपकरण को नुकसान पहुंचाने के नीयत से ईंट-पत्थर से हमला कर दिया. पूर्णिमा देवी को देखकर वहां पर एकत्रित भीड़ भी काफी उग्र हो गई.