झारखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान, कांग्रेस का आरोप- बीजेपी धनबल से विधायकों को तोड़ने की कोशिश में

Ranchi: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्यसभा चुनाव से पहले विपक्षी दल के विधायकों को प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है. पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक करार देते हुए कहा कि सत्ता और धनबल के दम पर जनमत को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है.
 

Ranchi: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव की तारीख घोषित हो चुकी है. 18 जून को मतदान होना है. इसकी घोषणा के साथ ही झारखंड की सियासत गरमा गई है. झारखंड कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए चुनाव को प्रभावित करना चाहती है.

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्यसभा चुनाव से पहले विपक्षी दल के विधायकों को प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है. पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक करार देते हुए कहा कि सत्ता और धनबल के दम पर जनमत को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है.

कांग्रेस का आरोप- भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग पर उतरी

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा की उम्मीदवार उतारने की घोषणा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में जनता द्वारा साफ नकार दिए जाने के बाद भाजपा अब हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए राज्यसभा सीट हासिल करना चाहती है. राकेश सिन्हा ने दावा किया कि भाजपा अपने थैलीशाह मित्रों के सहारे गलत हथकंडे अपनाकर सीट जीतने की कोशिश कर रही है, लेकिन महागठबंधन के सभी विधायक एकजुट रहेंगे और भाजपा के मंसूबे पूरे नहीं होने देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा पहले भी ऐसी कोशिश कर चुकी है, लेकिन सफल नहीं हुई.

भाजपा का पलटवार- कांग्रेस को अपने विधायकों पर नहीं भरोसा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को न तो चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा था और अब उसे अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं रहा है. साह ने कहा कि आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस को अपने विधायकों को एकजुट रखने की चिंता करनी चाहिए. उन्होंने यह भी इशारा किया कि जब कांग्रेस को राज्यसभा भेजने का मौका मिला तो उन्होंने ऐसे नेताओं को चुना जिनके यहां सैकड़ों करोड़ रुपये बरामद हुए.

भाजपा को 4 वोटों की जरूरत

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में NDA के पास कुल 24 विधायक हैं, जिसमें भाजपा के 21, JDU, AJSU और LJP(R) के एक-एक विधायक शामिल हैं. राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 28 वोट जरूरी हैं. ऐसे में भाजपा को चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी. भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि सत्ताधारी महागठबंधन के कुछ विधायकों के क्रॉस वोटिंग से एक सीट आसानी से जीती जा सकती है.