गिरिडीह में ट्रैफिक जाम बनी बड़ी समस्या, ना राज्य सरकार दे रही ध्यान ना ही डिपार्टमेंट के अधिकारी ध्यान दे रहे..आम जन पूरी तरह से परेशान...
Giridih: शहर में कल्याणडीह से पचंबा होते हुए टावर चौक तक सड़क पर पिछले डेढ़ साल से कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है. सड़क को फोर-लेन बनाया जा रहा है. लेकिन, ठेकेदार और सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही साफ दिख रही है.
सड़क बेतरतीब ढंग से बनाई जा रही है. इस बेवक्त कंस्ट्रक्शन से लोगों को परेशानी हो रही है. ताजा मामला जाम और दुर्घटना से संबंधित है.
हाल के दिनों में ठेकेदार द्वारा पुलिया निर्माण के लिए अलग-अलग स्थानों पर गड्ढे खोद दिए गए हैं. गड्ढा तो खोदा गया है लेकिन पुलिया का निर्माण समय पर किया नहीं जा रहा है.
जिसके चलते जाम लग रहा है. मंगलवार को यही स्थिति बनी रही और बिशनपुर के पास जाम लग गया. जाम पचंबा से लेकर थाना तक लगा हुआ था. जाम भी उस वक्त लगा जिस समय बच्चों के परीक्षा केंद्र आने-जाने का है.
लगभग सवा घंटे तक लोग परेशान रहे. बाद में पुलिस आयी तब काफी मशक्कत के बाद जाम हटा. यहां के स्थानीय हारून रशीद समेत अन्य लोगों ने बताया कि बिशनपुर में आफताब अस्पताल के पास पिछले आठ दिनों से गड्ढा खोद रखा है, लेकिन काम की गति काफी धीमी है. यही स्थिति भंडारीडीह की है.
यहां भी काम धीरे-धीरे चल रहा है. गड्ढा खोदकर काम करने में लापरवाही बरतने का परिणाम है कि चार-पांच दिनों पूर्व बाइक समेत चालक गड्ढे में जा गिरा.
हालांकि राहत की बात है कि वह बच गया, लेकिन इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं.
इधर, इस सड़क निर्माण में आ रही देरी पर जब पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रामविलास सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ठेकेदार अपने काम में तो ढीला है ही, इसके अलावा अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है.
जिसके कारण काम प्रभावित हो रहा है. बिजली का खंभा भी पूरी तरह से शिफ्ट नहीं हो रहा है. सड़क निर्माण में विलंब के कारण लग रहे जाम को लेकर ट्रैफिक पुलिस भी मुस्तैद नहीं दिख रही है.
लोग कहते हैं कि हेलमेट के नाम पर चेकिंग करने का काम ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ परिवहन विभाग करता है लेकिन जाम से मुक्ति दिलवाने का प्रयास नहीं किया जाता.
मंगलवार को एक घंटे से अधिक समय तक जाम लगा रहा और वाहन चलाने वाले लोगों का चालान काटने वाले विभाग के पदाधिकारी नदारद रहे. सड़क निर्माण चल रहा है. ठेकेदार को कार्य में तेजी लाने को कहा गया है. तेजी नहीं लाने पर उस पर कार्रवाई तय है.