छात्रों का मंच है आजसू, राजनीतिक दल नहीं; जेपीपी से है विचारधारात्मक सहयोग

 

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने भावनात्मक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य के युवाओं को आंदोलित कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है, कि जनवरी 2026 में आजसू का एक विशाल अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठन की बागडोर झारखंड की नई पीढ़ी को सौंपी जाएगी। महतो ने साफ कहा, “आजसू राजनीति के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के सपनों को साकार करने के लिए बना था।”

ललित महतो ने बताया कि आजसू की स्थापना 22 जून 1986 को हुई थी, लेकिन यह संगठन उस दिन को ‘स्थापना दिवस’ के रूप में नहीं, बल्कि ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाता है। “हम शहीदों की याद में जश्न मनाते हैं, न कि सिर्फ तारीखों का गणना करते हैं,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा।

आजसू पार्टी पर सीधा आरोप
महतो ने प्रेस नोट में आजसू पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया कि वर्ष 2007 में कुछ लोगों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत आजसू के नाम का गलत उपयोग कर पार्टी के रूप में पंजीकरण कराया। उन्होंने कहा, “यह पार्टी उस संघर्ष का हिस्सा कभी नहीं रही, जिसके तहत झारखंड बना था। आज इसके भीतर कोयला माफिया, जमीन कारोबारी, निजी स्कूल और होटल संचालक जैसे लोग हावी हैं जो युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं।”

युवाओं की आवाज दिल्ली तक पहुंचेगी
महतो ने ऐलान किया कि वह बहुत जल्द युवा प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग दिल्ली जाएंगे और मांग करेंगे कि आजसू नाम के दुरुपयोग पर तुरंत कार्रवाई हो। “हम अपनी विरासत को व्यापार का साधन नहीं बनने देंगे,” उन्होंने दो टूक कहा।

अधिवेशन में नए नेतृत्व का आगाज़
ललित महतो ने बताया कि जनवरी 2026 का अधिवेशन संगठन के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। “झारखंड के विकास, न्याय और शिक्षा के संकल्प को लेकर समर्पित युवाओं को हम नेतृत्व में लाएंगे,” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे उन्हीं साथियों के साथ हैं जिन्होंने आजसू के सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

झारखंड आंदोलन में आजसू की भूमिका
महतो ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “1986 से लेकर 2000 तक, मैंने आजसू के झंडे तले आंदोलन का नेतृत्व किया। यह हमारे त्याग और संघर्ष का परिणाम है कि झारखंड का निर्माण संभव हो सका। आज भी मैं उन्हीं जुझारू साथियों के साथ खड़ा हूं।” ललित महतो ने झारखंड के नौजवानों से अपील की, “अब समय है जागने और संगठित होने का। आजसू तुम्हारा मंच है, आओ और मिलकर अपने राज्य के सपनों को साकार करें।”