ईंधन संकट की अफवाहों के बीच दुमका DC का सख्त संदेश, कहा- पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, किसी भी हाल में ईंधन की कालाबाजारी नहीं होगी

Dumka: उपायुक्त ने पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में कालाबाजारी न हो तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री नहीं की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए.
 

Dumka: दुमका में ईंधन आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों और संभावित कालाबाजारी की आशंकाओं के बीच जिला प्रशासन सख्त हो गया है. दुमका के उपायुक्त (DC) ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए.

उपायुक्त ने कहा कि जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और आम लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. बावजूद इसके अगर किसी पेट्रोल पंप द्वारा स्टॉक छिपाने, मनमानी बिक्री, अतिरिक्त कीमत वसूलने या चुनिंदा लोगों को ईंधन देने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उपायुक्त ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को नियमित रूप से स्टॉक बोर्ड अपडेट करने, तय दरों पर ही ईंधन बिक्री सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के साथ किसी भी तरह का भेदभाव न करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही प्रशासनिक टीमों को औचक निरीक्षण करने के आदेश भी दिए गए हैं.

इधर, तेल कंपनियों के अधिकारियों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि जिले में ईंधन की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है तथा सप्लाई चेन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. बैठक में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित निगरानी के लिए एक टीम गठित की जाए, ताकि कहीं भी कृत्रिम कमी की स्थिति उत्पन्न न होने पाए. बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम सहित अन्य पेट्रोल पंपों के संचालक उपस्थित थे.

उपायुक्त ने दो टूक कहा कि कालाबाजारी या अनियमितता सामने आने पर संबंधित पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द करने, जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई तक की जाएगी। प्रशासन किसी भी हाल में आम जनता के हितों से समझौता नहीं करेगा।

जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे जरूरत भर ही ईंधन खरीदें और अफवाहों पर ध्यान न दें. साथ ही किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत जिला प्रशासन या आपूर्ति विभाग को सूचना दें.