नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में फिर धमाका, IED ब्लास्ट में CRPF जवान घायल, माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज
Ranchi: घटना उस समय हुई जब सुरक्षाबल माओवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. ब्लास्ट के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है. सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रखा है.
Ranchi: झारखंड के सारंडा में एक बार फिर नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट किया है. इस विस्फोट में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया. पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार घायल जवान को जंगल से सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें एयरलिफ्ट किया जा सकता है.
क्या है पूरा मामला
झारखंड के चाईबासा के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट का निशाना एक बार फिर सुरक्षा बल बने हैं. इस धमाके में सीआरपीएफ के कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) बटालियन का एक जवान घायल हो गए.
पुलिस मुख्यालय के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार रांची से घायल जवान को एयरलिफ्ट करने के लिए हेलीकॉप्टर भेज दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, कोबरा बटालियन के जवान रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के तहत सारंडा के घने जंगलों में नक्सली ठिकानों की तलाश कर रहे थे.
इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से ही प्लांट किए गए आईईडी विस्फोट हो गया. इसी धमाके में एक जवान घायल हो गए.
क्या है स्थिति
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता एवं आईजी अभियान डॉक्टर माइकल एस राज ने बताया कि ब्लास्ट में एक जवान मामूली रूप से घायल हुआ है. जरूरत के अनुसार उसे एयरलिफ्ट कर रांची भी लाया जा सकता है. आईजी अभियान ने बताया कि बचे हुए नक्सलियों के खिलाफ सारंडा में बड़ा अभियान चल रहा है.
इसी दौरान यह विस्फोट हुआ है. इलाके में सर्च अभियान के दौरान एक जिंदा आईईडी बम भी बरामद किया गया है, जिसे नष्ट कर दिया गया. इलाके में अभियान जारी है.
वहीं, एसपी अमित रेणु का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह पुराना प्लांट किया गया IED था या हाल ही में बिछाया गया विस्फोटक. अभी फिलहाल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
बचने के लिए लगा रखे हैं आईईडी
सारंडा में पुलिस और नक्सलियों के बीच निर्णायक लड़ाई चल रही है. इस साल जनवरी महीने में एक साथ 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद नक्सलियों ने अपने बचाव के लिए जंगल में भारी तादाद में विस्फोटक जमीन के अंदर लगा दिए हैं.
अभियान में निकले जवान और अफसर उन्हें विस्फोटकों का शिकार हो रहे हैं. पिछले दो महीनों के भीतर सारंडा में चार भीषण ब्लास्ट हुए हैं, जिसमें एक ग्रामीण की मौत और एक घायल हुए. जबकि दो कोबरा बटालियन के जवान भी घायल हुए थे.