अंश–अंशिका अपहरण केस में बड़ा खुलासा, आरोपी दंपति का बंगाल–बिहार बच्चा चोर गिरोह से जुड़ाव
Ranchi, Jharkhand News: जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी खटाल से अगवा किए गए अंश और अंशिका की बरामदगी के मामले में पुलिस को बड़ी जानकारी हाथ लगी है। जेल में बंद आरोपी दंपति सोनी कुमारी और नव खेरवार उर्फ सूर्य को धुर्वा पुलिस ने पांच दिनों के रिमांड पर थाना लाकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया है कि उनका संपर्क बंगाल और बिहार के बच्चा चोर गिरोह से था। पुलिस को शक है कि यह दंपति बच्चों को अगवा कर दूसरे राज्यों में बेचने का काम करता था। इसी सिलसिले में आरोपियों ने अपने गिरोह से जुड़े कई लोगों के नाम भी पुलिस को बताए हैं।
2 जनवरी को हुआ था अपहरण
गौरतलब है कि 2 जनवरी को शालीमार बाजार इलाके से अंश और अंशिका का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।
रामगढ़ से मिली बच्चों की जानकारी
बुधवार को रामगढ़ के चितरपुर इलाके के एक युवक ने बच्चों को देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके साथ ही आरोपी दंपति को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पांच महीने से रांची में डेरा जमाए थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि सोनी कुमारी और नव खेरवार पिछले करीब पांच महीनों से रांची में रह रहे थे। वे धुर्वा स्मार्ट सिटी मार्ग के पास गुलगुलिया बस्ती में ठहरे हुए थे। इस दौरान वे गुब्बारा बेचने का काम करते थे और साथ ही बच्चों को अगवा करने के मौके तलाशते रहते थे।
बिहार ले जाने की थी तैयारी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बच्चों को अगवा करने के बाद वे हटिया इलाके में ही रुके हुए थे। पुलिस की सक्रियता बढ़ने पर वे बच्चों को लेकर रामगढ़ भाग गए। वहां वे बच्चों की हर जरूरत पूरी कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो। आरोपियों की योजना बच्चों को लेकर बिहार भागने की थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और दूसरे राज्यों में सक्रिय बच्चा तस्करी नेटवर्क को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है।