बैंकों के पास पलामू की जनता के 10 हजार करोड़ रुपये, फिर स्वरोजगार और उद्योग को ऋण क्यों नहीं? मंत्री ने जताई नाराजगी

Palamu: झारखंड के पलामू जिले में बैंकिंग व्यवस्था को लेकर मंत्री ने बड़ा सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पलामू के लोगों का बैंकों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये जमा है, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर ऋण वितरण बेहद कम क्यों है? उन्होंने बैंकों से सवाल किया कि जब पलामू के लोग अपनी मेहनत की कमाई यहां जमा कर रहे हैं, तो उसी पैसे से पलामू के विकास, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा क्यों नहीं दिया जा रहा. मंत्री ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को बैंकर्स कमेटी और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में उठाया जाएगा.
 

Palamu: जिला के लोगों का विभिन्न बैंकों में 10 हजार 345 करोड़ रुपया जमा है. लेकिन बैंक लोगों को ऋण उपलब्ध करवाने और सामाजिक कार्यों में रुचि नहीं दिख रहा है. ऋण उपलब्ध नहीं करवाने वाले और सामाजिक कार्यों में रुचि नहीं दिखाने वाले बैंकों में सरकारी पैसा जमा नहीं होगा.

दरअसल, गुरुवार को पलामू में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक हुई. इस बैठक में कई चौंकाने वाले आंकड़े निकलकर सामने आए हैं. बैठक में झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मौजूद रहे. बैठक में बैंकों के प्रदर्शन को लेकर काफी नाराजगी जताई गयी एवं उन्हें लक्ष्य को हासिल करने का निर्देश दिया गया है.

पलामू के लोगों का 10 हजार 345 करोड़ रुपया बैंक में जमा है. इसके बावजूद बैंकों की तरफ से 40.73 प्रतिशत ही ऋण उपलब्ध करवाया गया है. ऋण उपलब्ध करवाने का दर लगातार घट रहा है. पिछले छह महीने में ऋण वितरण का डर 0.48 प्रतिशत घट गया है.

इस बैठक में कहा गया कि झारखंड में ऋण वितरण का डर 55.63 प्रतिशत है, इसके बावजूद पलामू जैसे इलाके में ऋण वितरण का दर बेहद ही कम है. बैठक में बैंकों की गतिविधि एवं सामाजिक कार्यों में इनकी दिलचस्पी को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.

समीक्षा में पाया गया कि पलामू के इलाके में कृषि ऋण वितरण दर बेहद ही काम है. 30 प्रतिशत के अनुपात में मात्र नौ प्रतिशत ही लक्ष्य को हासिल किया जा सका है. पलामू में बैंक रोजगार सृजन एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी ऋण उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं. इस हालात को देखते हुए कहा गया है कि वैसे बैंक जिनका लगातार प्रदर्शन खराब है उन बैंकों में सरकारी पैसा जमा नहीं होगा.