झारखंड की राज्यसभा सीटों पर मुकाबला खत्म, नथवानी की तीसरी जीत और बैजनाथ राम की सफलता चर्चा में
Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव में उद्योगपति और सांसद परिमल नथवानी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर ली है. वहीं, महागठबंधन के उम्मीदवार बैजनाथ राम ने भी जीत हासिल कर गठबंधन की साख बचा ली. चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस खेमे में निराशा का माहौल देखा गया, क्योंकि पार्टी की रणनीति अपेक्षित सफलता नहीं दिला सकी.
परिमल नथवानी को 28 वोट मिले, जबकि बैजनाथ राम के पक्ष में 31 वोट पड़े. दोनों उम्मीदवारों की जीत के साथ राज्यसभा की दो सीटों पर तस्वीर साफ हो गई. चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन अंतिम परिणाम ने सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों के लिए अलग-अलग संदेश दिए.
आंकड़ों के लिहाज से जेएमएम प्रत्याशी बैजनाथ राम के बारे में पहले से यह साफ हो गया था कि उनकी जीत पक्की है और उन्हें 30 वोट भी मिले. दूसरे नंबर पर मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नथवानी के बीच रहा.
जिसमें परिमल नथवानी एक बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव जीतने में सफल रहे, जिन्हें 28 वोट मिले. परिमल नथवानी इससे पहले झारखंड से दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. इस बार के चुनाव में महागठबंधन के पास पर्याप्त 56 विधायकों का वोट था मगर प्रणव झा महज 20 वोट पर ही सिमट गए. उन्हें महागठबंधन के राजद और माले का सहयोग नहीं मिला. इस चुनाव में तीन विधायकों का वोट अवैध करार दिए गए.
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रखी थी मगर एनडीए समर्थित उम्मीदवार के आगे सब बेकार हो गया. इस चुनाव में कांग्रेस प्रभारी के. राजू स्वयं पार्टी एजेंट बने थे, जिससे कोई वोट इधर से उधर ना हो. इसके अलावा कांग्रेस सह-प्रभारी बेला प्रसाद, राज्यसभा सांसद डॉ. नासीर हुसैन, झामुमो से सुदिव्य कुमार सोनू, विनोद पांडेय, फागू बेसरा और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर,
माले से हलधर महतो और गीता मंडल, राजद से भोला यादव, भाजपा से अमर बाउरी, नवीन जायसवाल, अनंत ओझा, भानु प्रताप शाही, लोजपा से वीरेंद्र प्रधान, अनिल कुमार, आजसू से हरिश, ओम वर्मा, जदयू से सागर कुमार, दुष्यंत पटेल को पार्टी एजेंट की जिम्मेदारी दी गयी थी जबकि जेएलकेएम के तरफ से कोई भी नहीं था.
राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद दोनों प्रत्याशियों ने सभी विधायकों के प्रति आभार जताया है. विधानसभा परिसर में चुनाव परिणाम आने के बाद फूल और माला से दोनों का स्वागत लोगों ने किया. इस मौके पर परिमल नथवानी ने झारखंड के विकास की वचनबद्धता दोहराई तो बैजनाथ राम ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते नजर आए.
इधर एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नथवानी की जीत पर प्रदेश भाजपा के नेताओं में खुशी की लहर है. परिमल नथवानी की शानदार जीत पर झारखंड विधानसभा में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित तमाम भाजपा नेताओं ने उन्हें जीत की बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
वहीं परिमल नथवानी का भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी भव्य स्वागत किया गया. भाजपा प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर परिमल नथवानी ने संबोधित भी किया. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि यह विजय एनडीए की एकजुटता, सशक्त संगठन और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है. साथ ही यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास और जनकल्याण आधारित नीतियों पर मुहर भी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश की जनता तो पहले ही नकार चुकी है, झारखंड ने भी आज कांग्रेस को पूरी तरह खारिज कर दिया.
परिणाम अप्रत्याशित नहीं, परिमल नथवानी की जीत थी तय- बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्यसभा में परिमल नथवानी की उम्मीदवारी से ही एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत तय हो गई थी वे 12 वर्षों तक झारखंड से कुशल नेतृत्व किए हैं. इस दौरान इन्होंने अपने कार्यों से अपनी एक अलग साख और विश्वास को बनाया है, इसलिए ये राज्य की राजनीति के लिए कोई अपरिचित चेहरा नहीं थे.
निर्दलीय प्रत्याशी होने के कारण इनके लिए झारखंड के सभी 81 विधायक इनके लिए वोटर थे. विधायकों ने राज्यहित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को सर्वोपरि रखते हुए पूरे विवेक से अपने मत का सदुपयोग किया है. ये पहले भी अच्छे सांसद साबित हुए हैं और आगे भी अच्छे सांसद साबित होंगे.
उन्होंने कहा कि यह परिणाम कोई अप्रत्याशित नहीं है राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार तो पहले से ही तय थी. जिस कांग्रेस को अपने विधायकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं/नेताओं पर भरोसा नहीं हो, वह चुनाव जीतने का सोच भी कैसे सकती है.
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि यह जीत एनडीए की एकजुटता और मजबूत संगठन का परिणाम है. एकता और संगठन की शक्ति जब संकल्प के साथ आगे बढ़ती है, तो हर लक्ष्य आसान हो जाता है.एकजुट प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी पहचान है.
भाजपा प्रदेश कार्यालय में संबोधित करते हुए परिमल नाथवानी ने कहा कि 2008 और 2020 के बीच झारखंड से एक स्वतंत्र (निर्दलीय) सांसद के रूप में दो अत्यधिक प्रभावशाली और लगातार कार्यकाल उन्होंने पूरा किया है. झारखंड से उनका पुनः चुना जाना उस राज्य में एक ऐतिहासिक वापसी का प्रतीक है जिसे वे लंबे समय से संजोते रहे हैं. झारखंड के विकास में योगदान देने के लिए वे अपनी 'कर्मभूमि' वापस लौटे हैं.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, झारखंड विधानसभा में भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी, झारखंड विधानसभा में विरोधी दल के मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल के साथ-साथ भाजपा और एनडीए (NDA) के सभी प्रमुख नेताओं के साथ सभी विधायकों के प्रति अपनी जीत सुनिश्चित करने में उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.
परिमल नथवानी ने कहा कि यहां एक दशक से अधिक का समय बिताने के कारण, झारखंड मेरे लिए नया नहीं है यह मेरी कर्मभूमि है. यहां के लोगों की एक बार फिर सेवा करने का अवसर मिलने के लिए दिल की गहराई से आभारी हूं. उन्होंने कहा कि मेरा प्राथमिक ध्यान मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित होगा. जहां हमारा लक्ष्य जमीनी स्तर पर ही स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए मजबूत कौशल विकास कार्यक्रम चलाने और कुटीर उद्योग को पुनर्जीवित करना है. ग्रामीण बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास करना, स्वास्थ्य सुविधाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा मेरे फोकस क्षेत्र होंगे.
बहरहाल सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक हुए मतदान में झारखंड के सभी 81 विधायक ने अपना मत प्रकट किया. इस दौरान विधानसभा परिसर के कमरा नंबर 42 के बाहर पूरे दिन भर गहमागहमी बनी रही, प्रयासों का दौर जारी रहा और चुनाव परिणाम आने से पहले तक सभी अपनी जीत का दावा करते नजर आ रहे थे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड से नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने मुलाकात की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैद्यनाथ राम को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में झारखंड की जन भावनाओं, जन अपेक्षाओं तथा जनहित एवं विकास से जुड़े मुद्दों को सशक्त रूप से रखने में बैद्यनाथ राम अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इस अवसर पर नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया.
राज्यसभा के दो सीटों के लिए हुए मतदान में जेएमएम प्रत्याशी बैद्यनाथ राम और एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी चुनाव जीत गए है. मतदान के बाद विधानसभा परिसर में हुए मतगणना के बाद बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले. वहीं एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को 28 और तीन वोट अवैध करार दिए गए.
इस चुनाव में खड़े कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 20 वोट मिला है. चुनाव परिणाम सामने आते ही विधानसभा परिसर में जय श्रीराम के नारे लगने लगे इन सबके बीच भाजपा विधायक नीरा यादव के साथ एनडीए के कई विधायक मतगणना स्थल से बाहर निकले और चुनाव परिणाम की जानकारी दी. नीरा यादव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह जीत एनडीए की जीत है जिसने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी को झारखंड के विकास के लिए इस चुनाव में समर्थन देने का काम किया.
एनडीए में 24 की तस्वीर, तो पर्दे के पीछे कौन!
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले तक लगातार कयासों का दौर चलता रहा. इसके साथ सत्ताधारी और विपक्ष के दलों की ओर से लगातार बैठकों का दौर जारी रहा. एनडीए और इंडिया ब्लॉक के नेता अपने-अपने विधायकों को लेकर लगातार विश्वास जताते हुए नजर आए.
एनडीए ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति के तहत रांची के पांच सितारा होटल में ठहराने का फैसला लिया. 16 जून को बड़कागांव से भाजपा विधायक रोशन लाल चौधरी सबसे पहले होटल पहुंचे. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी विधायकों को अगले दो दिनों तक एक साथ रहने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद लोजपा (आर) के इकलौते विधायक जनार्दन पासवान भी होटल पहुंचे.
16 जून से रांची के एक आलीशान होटल में डेरा डाले एनडीए विधायकों ने 17 जून को अपनी एकजुटता दिखाने के लिए सभी 24 विधायकों की एक तस्वीर जारी की. प्रदेश भाजपा की ओर से जारी इस तस्वीर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ 21 भाजपा विधायक और आजसू, जदयू व लोजपा के एक-एक विधायक मौजूद नजर आए. हालांकि, इन 24 के अलावा बाकी चार अन्य विधायक कौन होंगे, ये तमाम बातें पर्दे के पीछे ही नजर आई. एनडीए ने एकजुटता का परिचय देते हुए दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी की जीत पक्की है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन की पॉलिटिक्स सीएम हाउस शिफ्ट होती नजर आई. दो दिन देर रात तक रांची के मुख्यमंत्री आवास पर महागठबंधन के नेता महा बैठक करते नजर आए. 16 और 17 जून को महागठबंधन दल के नेताओं की बैठक हुई. जिसमें कुछ के अलावा लगभग सभी विधायकों की उपस्थिति नजर आई. इस बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिए रणनीति बनी और मॉक पोल के कराए गए. झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को 29 और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 25 वोट पड़े.
कांग्रेस विधायक सह प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी इस बात की तस्दीक कर दी कि महागठबंधन एकजुट है. उन्होंने कहा कि हमारे दोनों प्रत्याशी की जीत होगी क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के पास सिर्फ 24 विधायक है, इस लिहाज से हमारे पास अगर 27 विधायक भी हैं तो वह NDA समर्थित उम्मीदवार के 24 से ज्यादा वोट है. अगर उन्हें 25 भी वोट आ जाता है तभी वह हमसे दो वोट से पीछे रहेंगे.
इससे पहले 15 जून को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, सांसद डॉ सैयद नासिर हुसैन, झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक प्रदीप यादव और अजय शर्मा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर मुलाकात की थी. कांग्रेस का एक दल तेजस्वी यादव से भी मुलाकात कर चुका है.
इतने दिन की मैराथन बैठक, सीएम तक से मुलाकात. इसके साथ दिल्ली से कांग्रेस के आला नेताओं का झारखंड दौरा. आखिरकार सब धरा का धरा ही रह गया. महागठबंधन की महा बैठक काम न आई और न ही इंडिया ब्लॉक में एकजुट भी नजर नहीं आई. भले ही आला नेताओं ने राज्यसभा चुनाव से पहले एकजुटता का दंभ जरूर भरा था लेकिन आखिरी वक्त के नतीजों ने सबकुछ पलटकर रख दिया.
राज्यसभा के नतीजे अब सबके सामने हैं, तस्वीर भी साफ हो चुकी है. अब प्रदेश की सियासी गलियारों में फिर से रिश्तों और गठबंधन की दुहाई दी जाएगी. इस चुनाव में मिली हार के कारण और कारक पर एक बार फिर से मंथन का दौर शुरू होगा. खैर जो भी हो इस चुनाव ने झारखंड को राजनीति की प्रयोगशाला की बात एक बार फिर से सच साबित करता हुआ नजर आया है.