अगले तीन दिन सावधान! झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

Jharkhand Weather Update: मौसम विभाग के अनुसार, लगातार सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. निचले क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की आशंका है. लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है.
 

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. आज रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा सहित आसपास के जिलों में भारी वर्षा, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है.

मौसम विभाग के अनुसार, लगातार सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. निचले क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की आशंका है. लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है. 

सूबे के रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है.

28 जुलाई को भी राज्य में मानसून का प्रभाव बना रहेगा. पूरे झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. लेकिन पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की अपील की है.

29 जुलाई को भी बारिश का सिलसिला रहेगा जारी

29 जुलाई को भी झारखंड के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है. गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका बनी रहेगी. हालांकि भारी बारिश का दायरा पहले दो दिनों की तुलना में कुछ सीमित रह सकता है. लेकिन संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी.

मौसम केंद्र, रांची के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 26 जुलाई 2026 के बीच राज्य में 325 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 455.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. इस तरह पूरे राज्य में अब तक 29 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. इसका असर कई जिलों में खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है, क्योंकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में अब भी बारिश का बड़ा घाटा बना हुआ है.

जिलावार स्थिति पर नजर डालें तो सिर्फ चार जिले ऐसे हैं, जहां वर्षा सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई है. इनमें पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और साहिबगंज शामिल हैं. इन जिलों में सामान्य वर्षा की तुलना में कमी जरूर है, लेकिन यह मौसम विभाग के तय मानकों के अनुसार सामान्य श्रेणी में आती है.

चतरा, गढ़वा और पाकुड़ में सूखे जैसे हालात

इसके विपरीत, 20 जिले सामान्य से कम वर्षा की श्रेणी में हैं. इनमें बोकारो, देवघर, धनबाद, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, रामगढ़ और रांची सहित कई जिले शामिल हैं, जहां वर्षा सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम रही है. हालांकि धनबाद, दुमका और रांची में कमी अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई है.

सबसे चिंताजनक स्थिति चतरा, गढ़वा और पाकुड़ की है. इन तीनों जिलों में वर्षा की कमी 60 प्रतिशत या उससे अधिक दर्ज की गई है. मौसम विभाग के वर्गीकरण के अनुसार ऐसी स्थिति को 'स्कैंटी' माना जाता है, जिसे आम बोलचाल में सूखे जैसी स्थिति कहा जा सकता है. चतरा और गढ़वा में 64 प्रतिशत और पाकुड़ में 60 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है.