JPSC पर बड़ा एक्शन! 21 परीक्षाएं रद्द, 1744 पदों की नियुक्ति पर ब्रेक

Ranchi: झारखंड सरकार ने JET समेत JPSC की 21 परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द करने का आदेश जारी किया है. इस फैसले से करीब 1,744 पदों की नियुक्ति प्रभावित हुई है. इनमें सिविल सेवा, CDPO, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य पद शामिल हैं. खास बात यह है कि CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर के चयनित अभ्यर्थी पहले से विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं, जबकि...
 

Ranchi: झारखंड में सरकारी नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तहत होने वाली 21 परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द करने का आदेश जारी किया है. इनमें झारखंड पात्रता परीक्षा (JET), सिविल सेवा, सीडीपीओ, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर समेत कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां शामिल हैं. इस फैसले से कुल 1744 पदों पर चल रही नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई है.

खास बात यह है कि इनमें कुछ ऐसी नियुक्तियां भी शामिल हैं, जिनका चयन पूरा हो चुका है और अभ्यर्थी वर्तमान में विभिन्न जिलों में काम कर रहे हैं. सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर जैसी नियुक्तियों पर भी इस फैसले का असर पड़ा है. वहीं, 2018 से चल रही कुछ नियुक्ति प्रक्रियाओं को भी रद्द किया गया है.

JET समेत 21 परीक्षाएं रद्द

राज्य सरकार के फैसले के बाद JPSC के तहत चल रही कई भर्ती प्रक्रियाओं पर ब्रेक लग गया है. विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और पीएचडी/JRF के लिए आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 (JET) भी रद्द कर दी गई है.

राज्य गठन के बाद यह दूसरी बार JET का आयोजन था. इससे पहले वर्ष 2007 में JET आयोजित हुई थी, जिसकी जांच अभी सीबीआई के स्तर पर चल रही है. अब दूसरी JET के रद्द होने से राज्य के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति में और देरी होने की आशंका है.

विश्वविद्यालयों में 23 गैर-शैक्षणिक पदों की नियुक्ति भी रद्द

विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक अधिकारियों के 23 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी. JPSC ने इसके लिए 12 सितंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया था. 17 मार्च 2026 को पद के अनुरूप आवेदित अभ्यर्थियों के अंक और योग्यता भी जारी की गई थी. इसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी.

अब इन पदों पर नियुक्ति झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से होने की बात कही गई है.

सहायक निदेशक/वरीय साइंटिफिक अफसर की नियुक्तियां भी प्रभावित

सहायक निदेशक/वरीय साइंटिफिक अफसर के बैकलॉग के 8 पदों और रेगुलर के 7 पदों के लिए सितंबर 2025 में विज्ञापन जारी किया गया था. दोनों ही प्रक्रियाओं में आवेदन लिए जा चुके थे, लेकिन इसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. अब इन्हें भी रद्द कर दिया गया है.

ड्रग इंस्पेक्टर के 30 पदों पर भी ब्रेक

ड्रग इंस्पेक्टर के 30 पदों पर नियुक्ति के लिए JPSC ने 28 जनवरी 2026 को विज्ञापन जारी किया था. अभ्यर्थियों से 15 मई 2026 तक आवेदन मांगे गए थे. लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही अब इसे रद्द कर दिया गया है.

इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों की नियुक्तियां भी रद्द

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 11 बैकलॉग पद, जबकि राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों में व्याख्याता के 6 बैकलॉग और 359 रेगुलर पदों की नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है.

इन भर्तियों में नियमावली में त्रुटि सामने आने के बाद सरकार ने पहले ही अधियाचना वापस लेते हुए प्रक्रिया स्थगित कर दी थी. अब सरकार के नए आदेश के बाद इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया है.

मेडिकल कॉलेज के 90 असिस्टेंट प्रोफेसर पद भी रद्द

मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट कैटेगरी के असिस्टेंट प्रोफेसर के 90 पदों पर नियुक्ति के लिए 15 अप्रैल 2026 को विज्ञापन जारी हुआ था. योग्य अभ्यर्थियों से 12 मई तक आवेदन मांगे गए थे. आवेदन प्रक्रिया के बाद भर्ती आगे नहीं बढ़ सकी और अब इसे भी रद्द कर दिया गया है.

सिविल जज की भर्ती पर भी असर

सिविल जज जूनियर डिविजन के 138 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया भी इस फैसले की जद में आई है. इस भर्ती के लिए 2023 में आवेदन मांगे गए थे. जुलाई 2024 में पीटी का रिजल्ट जारी किया गया था. बाद में कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद आयोग को जून 2026 में दोबारा पीटी का रिजल्ट जारी करना पड़ा था.

सहायक वन संरक्षक और फॉरेस्ट रेंज अफसर की भर्ती भी रद्द

सहायक वन संरक्षक के 78 पदों और फॉरेस्ट रेंज अफसर के 170 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है.

सहायक वन संरक्षक भर्ती में जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था और सफल अभ्यर्थियों को अगस्त में शारीरिक जांच परीक्षा में शामिल होना था. इसी तरह फॉरेस्ट रेंज अफसर के लिए भी पीटी और मुख्य परीक्षा के रिजल्ट जारी हो चुके थे तथा शारीरिक जांच की प्रक्रिया प्रस्तावित थी.

APP के 160 पदों पर भी लगा ब्रेक

असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर यानी APP के बैकलॉग के 26 और रेगुलर के 134 पदों, यानी कुल 160 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है.

बैकलॉग भर्ती के लिए पीटी रिजल्ट मई 2026 में और रेगुलर भर्ती का पीटी रिजल्ट जून 2026 में जारी हुआ था. दोनों की मुख्य परीक्षा प्रस्तावित थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया था.

14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा भी रद्द

JPSC की सिविल सेवा परीक्षा-2025 यानी 14वीं JPSC के तहत 103 पदों पर नियुक्ति होनी थी. इसके लिए जनवरी 2026 में विज्ञापन जारी किया गया और जुलाई में पीटी का रिजल्ट आया था. चयनित 2204 अभ्यर्थियों के लिए जुलाई 2026 से मुख्य परीक्षा प्रस्तावित थी, लेकिन परीक्षा को पहले ही स्थगित कर दिया गया था.

इसके अलावा सिविल सेवा बैकलॉग 2025 के 45 पदों और सिविल सेवा बैकलॉग 2023 के 26 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है.

पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों पर भी असर

सरकार के फैसले का सबसे बड़ा सवाल उन भर्तियों को लेकर है, जिनमें चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.

फूड सेफ्टी ऑफिसर के 56 पदों पर नियुक्ति का फाइनल रिजल्ट मार्च 2026 में जारी हुआ था. चयनित अभ्यर्थी वर्तमान में विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं.

इसी तरह सीडीपीओ के 64 पदों पर नियुक्ति के लिए जनवरी 2026 में फाइनल रिजल्ट जारी हुआ था. अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे और वे वर्तमान में विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं. अब इन नियुक्तियों को भी रद्द किए जाने के आदेश से नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

11वीं से 13वीं JPSC के 342 पद भी प्रभावित

सिविल सेवा परीक्षा 2023 यानी 11वीं से 13वीं JPSC के तहत 342 पदों पर नियुक्ति हुई थी. इसके लिए 2024 में विज्ञापन जारी किया गया था. पीटी और मुख्य परीक्षा के बाद चयनित अभ्यर्थी फिलहाल ट्रेनिंग में हैं.

सरकार के आदेश में इस भर्ती प्रक्रिया को भी रद्द किए जाने की बात सामने आई है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है.

छठी लिमिटेड उपसमाहर्ता परीक्षा का रिजल्ट अब तक नहीं

छठी लिमिटेड उपसमाहर्ता परीक्षा के 28 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी. कोर्ट के आदेश के बाद दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए दोबारा विज्ञापन जारी किया गया था. जनवरी 2026 में लिखित परीक्षा हुई और फरवरी में मॉडल आंसर-की जारी की गई, लेकिन अब तक रिजल्ट जारी नहीं हुआ था. यह प्रक्रिया भी अब रद्द हो गई है.

JET रद्द होने से विश्वविद्यालयों में नियुक्ति पर असर

JET के रद्द होने से विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ सकता है. JET परीक्षा का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए पात्रता तय करना था.

राज्य में पहली JET वर्ष 2007 में हुई थी. अब दूसरी बार आयोजित JET को भी रद्द किए जाने से उच्च शिक्षा क्षेत्र में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में और देरी की आशंका जताई जा रही है.

1744 पदों की नियुक्ति पर बड़ा सवाल

JPSC की 21 परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले ने 1744 पदों पर नियुक्ति और चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. खास तौर पर वे अभ्यर्थी प्रभावित हैं, जिनकी परीक्षा, रिजल्ट, चयन और यहां तक कि नियुक्ति भी पूरी हो चुकी है.

अब निगाह इस बात पर है कि सरकार इन भर्तियों को किस नई प्रक्रिया के तहत कराएगी और पहले से चयनित या नियुक्त अभ्यर्थियों के संबंध में क्या फैसला लिया जाएगा.