पूर्वी सिंहभूम में बड़ा खुलासा: नौकरी के नाम पर बंधक बनाए गए 355 युवक-युवतियां, पुलिस ने किया मुक्त
Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिला मंगलवार की रात एक बड़े खुलासे का गवाह बना। पुलिस ने घाटशिला और जमशेदपुर के गोविंदपुर इलाके में छापेमारी कर 355 युवकों और युवतियों को बंधन से मुक्त कराया, जिन्हें सरकारी नौकरी का झांसा देकर महीनों से बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था।
दो जगहों पर एक साथ छापेमारी
सबसे पहले घाटशिला के दाहीगोड़ा में कार्रवाई हुई, जहां से 155 युवकों को आज़ाद कराया गया। इसके बाद गोविंदपुर के भोला बगान स्थित रिया इंटरप्राइजेज रॉयल हेल्थ केयर नामक कंपनी के दफ्तर में छापा मारा गया। यहां एक कमरे में ठूंसकर बंद किए गए 200 से ज्यादा युवाओं को छुड़ाया गया।
सैलरी नहीं, मोबाइल तक छीन लिया
युवाओं ने पुलिस को बताया कि कंपनी पिछले तीन-चार महीने से उनसे बिना वेतन काम करा रही थी। नौकरी देने के नाम पर पहले उनसे हजारों रुपये ऐंठे गए और फिर उनका मोबाइल छीन लिया गया, ताकि वे बाहरी दुनिया से संपर्क न कर सकें। विरोध करने वालों के साथ मारपीट भी की जाती थी।
नौकरी का झांसा देकर लाए गए थे बाहर से
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के कई जिलों से युवकों को फोन पर सरकारी नौकरी का लालच देकर बुलाया गया था। उनसे कहा गया कि 25 हजार रुपये जमा करने पर 20-25 हजार मासिक वेतन मिलेगा, साथ में रहने-खाने की सुविधा भी होगी। लेकिन वादे खोखले साबित हुए।
गिरफ्तारी और फरारी
घाटशिला में कंपनी का प्रभारी मोहन यादव पुलिस के हत्थे चढ़ा, जबकि मुख्य संचालक सुनील यादव फरार हो गया। गोविंदपुर से नीतीश कुमार और शिवम कुमार नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्यालय को सील कर दिया गया है और अंदर रखे सामान को जब्त कर लिया गया है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई जारी
डीएसपी सिटी सुधीर चौधरी ने बताया कि सभी पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कंपनी के असली नेटवर्क को खंगाला जा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह उसी पुराने ठगी रैकेट से जुड़ा है, जिसने कुछ साल पहले ग्लेज इंडिया के नाम पर युवाओं को इसी तरह ठगा था।