गढ़वा की राजनीति में बड़ा बयान: भानु प्रताप शाही का दावा- ट्रेंड नहीं, जमीनी समर्थन मेरी ताकत...

Garhwa: विवाद की शुरुआत झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव के एक फेसबुक पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने भानु प्रताप शाही का नाम लिए बिना उनकी सोशल मीडिया सक्रियता पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा- फेसबुक से समय मिल जाए तो जनता के बीच रहिए.. वैसे टाइम पास का जरिया बन गए हैं आप.
 

Garhwa: झारखंड के गढ़वा जिले के भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी अब डिजिटल मैदान में तब्दील हो गई है. वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव (छोटे राजा ) और पूर्व विधायक सह भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही के बीच छिड़े ‘फेसबुक वार’ ने जिले का राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे तंज कसते हुए अपनी ताकत का अहसास कराया है.  

फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद 

विवाद की शुरुआत झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव के एक फेसबुक पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने भानु प्रताप शाही का नाम लिए बिना उनकी सोशल मीडिया सक्रियता पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा- फेसबुक से समय मिल जाए तो जनता के बीच रहिए.. वैसे टाइम पास का जरिया बन गए हैं आप. छोटे राजा के इस तंज पर भानु प्रताप शाही ने पलटवार करने में देर नहीं की. भानु ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी सोशल मीडिया सक्रियता ने विरोधियों की नींद उड़ा दी है. भानु प्रताप शाही ने चुनौती देते हुए कहा कि राजा साहब जब आपको सोशल मीडिया के चलते नींद नहीं आती सोचो अगर जिस दिन जमीन पर उतरूंगा आप की क्या हाल होगा.

भानु प्रताप शाही ने महाभारत के ‘चक्रव्यूह’ का उदाहरण देते हुए खुद को एक बहादुर योद्धा करार दिया. उन्होंने लिखा- चक्रव्यूह में एक बहादुर योद्धा अभिमन्यु को अकेले मारने की हिम्मत किसी कौरव में नहीं थी इसलिए सात लोगों ने घेर मारा था. योद्धा समझते हो तो आओ अकेले, समझ में आ जाएगा कि मैं सोशल मीडिया में ही नहीं, जमीन पर भी भारी हूं. 

समर्थकों के बीच भी छिड़ी बहस 

फेसबुक पर हुई इस भिड़ंत के बाद पूरे विधानसभा क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है. जहां एक तरफ विधायक अनंत प्रताप देव भानु को केवल ‘डिजिटल नेता’ साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं भानु ने इस हमले को अपनी लोकप्रियता से जोड़ते हुए इसे ‘नींद उड़ने’ वाला वार बताया है. फिलहाल, समर्थकों के बीच यह डिजिटल युद्ध कमेंट बॉक्स में जारी है.