डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम: रामगढ़ जिले में 15 मई तक पेपरलेस सिस्टम लागू करने का लक्ष्य

Ramgarh: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल जिला के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल शुरू की है. इसके तहत रामगढ़ के साथ-साथ कोडरमा और गुमला को भी मॉडर्न जिला बनाने के लिए चयनित किया गया है.
 

Ramgarh: रामगढ़ को डिजिटल जिला बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. जिले में 15 मई तक पेपरलेस सिस्टम लागू करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों में फाइलों, पत्राचार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा.

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से न सिर्फ कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फाइलों के निपटारे में भी तेजी आएगी. इससे आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध होंगी.

डिजिटल सिस्टम के अंतर्गत ई-ऑफिस, ऑनलाइन फाइल मूवमेंट, डिजिटल सिग्नेचर और रिकॉर्ड मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी. अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि बदलाव को सुचारु रूप से लागू किया जा सके. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल जिला के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल शुरू की है. इसके तहत रामगढ़ के साथ-साथ कोडरमा और गुमला को भी मॉडर्न जिला बनाने के लिए चयनित किया गया है. सरकार का लक्ष्य है कि इन जिलों में सरकारी से लेकर निजी सेवाएं पूरी तरह डिजिटल और पेपर लेस हो, जिससे लोगों को मोबाइल पर ही सारी जांच मिल सकें.

राजधानी रांची में बनी योजना के अनुसार अब स्वास्थ्य सेवाओं को भी तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है. इसी कड़ी में रामगढ़ सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है. विद्यानंद शर्मा पंकज (राज्य मिशन निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, झारखंड) द्वारा सदर अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ बैठक कर कई अहम दिशा-निर्देश दिए.

विद्यानंद शर्मा पंकज ने स्पष्ट कहा कि रामगढ़ को मॉडर्न जिला बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल किया जाए. बैठक में अस्पताल को पेपरलेस बनाने, मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने और सभी सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दिया गया. इसके तहत मरीजों को अब कागजी पर्ची और फाइलों से छुटकारा मिलेगा और उनकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री मोबाइल पर उपलब्ध होगी.

पेपरलेस होने से अस्पताल में होगी कम भीड़

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, झारखंड के निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा कि 15 मई तक रामगढ़ को मॉडर्न डिजिटल जिला घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी विभागों को समंवय के साथ काम करने और डिजिटल सेवाओं को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया गया है. इस पहल से अस्पतालों में भीड़ कम होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर व त्वरित इलाज मिल सकेगा.

डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद रजिस्ट्रेशन, जांच रिपोर्ट और दवा से जुड़ी प्रक्रियाएं भी आसान हो जाएंगी. गौरतलब है कि झारखंड सरकार ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है. जिससे आम लोगों को सरल, तेज और पारदर्शी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.