बिजली-पानी संकट पर बीजेपी का हंगामा, डीसी कार्यालय के सामने महिलाओं ने मटका लेकर किया प्रदर्शन
Bokaro: शहर में लगातार बिजली कटौती और पेयजल संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जिला समाहरणालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और महिला मोर्चा की सदस्य शामिल हुईं. महिलाओं ने सिर पर मटका लेकर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में लोग बिजली और पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई मोहल्लों में घंटों बिजली गुल रहती है, वहीं पेयजल आपूर्ति भी नियमित नहीं हो पा रही है.
बोकारो में पानी और बिजली की समस्या को लेकर बीजेपी ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में शामिल होने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन भी पहुंचे. उन्होंने हेमंत सरकार पर जमकर निशान साधा. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे होने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि जो सरकार बिजली और पानी जनता को नहीं दे सकती है, उस सरकार से जनता का कुछ भी भला नहीं हो सकता है.
महिला प्रदर्शनकारियों ने खाली मटका दिखाकर कहा कि लोगों को पीने तक का पानी नहीं मिल रहा है. गर्मी के मौसम में स्थिति और खराब हो गई है, जिससे आम जनता परेशान है. भाजपा नेताओं ने सरकार पर जनता की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था का क्या हाल है, यह प्रतिदिन देखने को मिल रहा है. प्रतिदिन महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, जबकि भ्रष्टाचार चरम पर है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से 15 साल के बंगाल के शासन को जनता ने भाजपा की अगुवाई में उखाड़ फेंका है, इस तरह इस राज्य में भी सरकार को उखाड़ कर फेंकने का काम जनता भाजपा की मदद से करेगी.
पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि आज हेमंत सोरेन सीना ठोक कर यह नहीं कह सकते हैं कि वे प्रदेश में लोगों को समुचित बिजली और पानी उपलब्ध करा पा रहे हैं. ऐसे में हेमंत सोरेन को सरकार में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है.
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने डीसी के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन में बिजली आपूर्ति में सुधार, नियमित जलापूर्ति और खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द बदलने की मांग की गई. पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
प्रदर्शन को देखते हुए डीसी कार्यालय के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.