रांची में BJP का शक्ति प्रदर्शन! पुराने विधानसभा के पास जुटने लगे कार्यकर्ता
Ranchi: JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा बुलाए गए ‘झारखंड बंद’ का असर मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिला। राजधानी रांची में बंद के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की गतिविधियां तेज होती गईं, वहीं हजारीबाग, दुमका और रामगढ़ समेत कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया।
पुराने विधानसभा परिसर के पास जुटे BJP कार्यकर्ता
राजधानी रांची में पुराने विधानसभा परिसर के आसपास भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जुटना शुरू हो गया। पार्टी कार्यकर्ता झंडे और बैनर के साथ प्रदर्शन की तैयारी करते नजर आए। प्रदर्शन स्थल तक ऑटो और अन्य वाहनों के जरिए बड़ी संख्या में पार्टी के झंडे, पोस्टर और बैनर पहुंचाए गए।
पुराने विधानसभा क्षेत्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। पुलिस बल की मौजूदगी के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और JPSC-JSSC अभ्यर्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
हजारीबाग के गिद्दी चौक पर चक्का जाम
हजारीबाग जिले के गिद्दी चौक पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अभ्यर्थियों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर विरोध जताया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना निंदनीय है। उनका आरोप है कि सरकार युवाओं की आवाज सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।
सड़क जाम के कारण गिद्दी चौक पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्री बसों, मालवाहक वाहनों और दैनिक यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में पुरुषोत्तम पांडेय, करुण सिंह, बृजकिशोर पाठक, दीपक झा, सियाराम सिंह, दिलीप सिंह, गिरजा सिंह, चंदन सिंह, अवतार सिंह, रविंद्र सिंह, गोविंद मिश्रा और हीरा सिंह समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।
दुमका में मिला-जुला असर, बस स्टैंड पर प्रदर्शन
उपराजधानी दुमका में भाजपा के ‘झारखंड बंद’ का असर मिला-जुला रहा। सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ा बांध क्षेत्र से जुलूस निकाला। जुलूस टीन बाजार, मुख्य बाजार होते हुए अंतरराज्यीय बस स्टैंड तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए।
बस स्टैंड पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए मुख्य प्रवेश द्वार को जाम किया गया, जिससे बसों का परिचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों को परेशानी हुई। बाद में पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप से आवाजाही बहाल कराई गई।
बाजार बंद कराने के बाद भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद सुनील सोरेन के नेतृत्व में कार्यकर्ता टीन बाजार चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर “नौकरियां बेचना बंद करो” और “हेमंत सोरेन इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए गए।
शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में कई दुकानें बंद रहीं, जबकि दूसरे हिस्सों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं।
लोवाडीह में टायर जलाकर सड़क जाम
रांची के लोवाडीह इलाके में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर और बांस-बल्लियां लगाकर रास्ता बाधित किया। प्रदर्शनकारी सड़क के बीच खड़े होकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शन के चलते वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और आसपास की कई दुकानें भी बंद रहीं। कार्यकर्ताओं ने JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
रामगढ़ के कुजू में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
रामगढ़ के कुजू में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नया मोड़ चौराहे को जाम कर दिया। इस दौरान हेमंत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
चौराहा जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात प्रभावित होने के कारण राहगीरों और यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्री घंटों जाम में फंसे रहे।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज दबाने के लिए जिस तरह की कार्रवाई की गई, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। पार्टी नेताओं ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उनके साथ न्याय करने की मांग की।
JPSC-JSSC विवाद पर सियासत तेज
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ झारखंड बंद का आह्वान किया।
राज्य के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन, सड़क जाम और बाजार बंद कराने की घटनाओं से बंद का असर कई इलाकों में दिखाई दिया। वहीं, प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।