देवघर में जनगणना होगी पूरी तरह हाईटेक, डीसी ने अधिकारियों को दिए निर्देश- गलती की कोई गुंजाइश नहीं

Deoghar: डीसी ने संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं का निर्माण होता है. उन्होंने बताया कि इस बार देश में पहली बार जनगणना पूरी तरह ‘डिजिटल मोड’ में की जाएगी. प्रगणक घर-घर जाकर एंड्रॉयड मोबाइल ऐप के जरिये डेटा एकत्र करेंगे, जिससे आंकड़ों में पारदर्शिता बढ़ेगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी.
 

Deoghar: देवघर जिले में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासन ने व्यापक और तकनीकी रूप से मजबूत तैयारी शुरू कर दी है. इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में की जाएगी, जिसमें गणनाकारों द्वारा एंड्रॉयड स्मार्टफोन के जरिए घर-घर जाकर सीधे ऐप में डेटा दर्ज किया जाएगा. जिला प्रशासन का साफ फोकस है कि जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित हों.

डीसी ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

जनगणना की तैयारी को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त (डीसी) ने संबंधित अधिकारियों, सुपरवाइजरों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि सही और विश्वसनीय आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यों और सरकारी नीतियों की नींव होते हैं. डीसी ने यह भी कहा कि डिजिटल सिस्टम से काम आसान होगा, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद जरूरी है.

एंड्रॉयड फोन से होगी सीधी डेटा एंट्री

इस बार कागज-कलम की जगह विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। गणनाकार प्रत्येक परिवार की जानकारी-

  • परिवार के सदस्यों की संख्या
  • आयु, लिंग और शिक्षा
  • रोजगार और आवास से जुड़ी जानकारी
  • बुनियादी सुविधाओं की स्थिति

सीधे एंड्रॉयड फोन में दर्ज करेंगे. डेटा रियल-टाइम सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे गड़बड़ी और दोहराव की संभावना काफी कम हो जाएगी.

ट्रेनिंग पर विशेष जोर

प्रशासन ने साफ किया है कि सभी गणनाकारों और सुपरवाइजरों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें ऐप के इस्तेमाल, डेटा फीडिंग की प्रक्रिया, तकनीकी दिक्कतों के समाधान और गोपनीयता से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. डीसी ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान हर कर्मचारी की प्रैक्टिकल जांच भी की जाए, ताकि फील्ड में किसी तरह की समस्या न आए.

गोपनीयता और सुरक्षा का भरोसा

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों की निजी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी. डेटा का उपयोग केवल आधिकारिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और इसे जनगणना भारत के निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित रखा जाएगा.

विकास योजनाओं में मिलेगी मदद

अधिकारियों के अनुसार डिजिटल जनगणना से प्राप्त आंकड़े स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी बनाने में मदद करेंगे. सही आंकड़ों के आधार पर ही जिले की जरूरतों के मुताबिक योजनाएं तैयार की जा सकेंगी.

प्रशासन का संदेश

बैठक के अंत में डीसी ने कहा कि जनगणना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जिले के भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम कार्य है. इसमें सभी कर्मचारियों की ईमानदारी, सतर्कता और तकनीकी समझ निर्णायक भूमिका निभाएगी. देवघर में डिजिटल जनगणना की यह पहल न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद शासन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.