महाशिवरात्रि पर पहाड़ी मंदिर से निकलेगी भव्य शिव बारात, तैयारियां तेज...

Maha Shivaratri 2026: इस बैठक की अध्यक्षता समिति के संस्थापक नंद किशोर सिंह चंदेल ने की. बैठक में महाशिवरात्रि के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.
 

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि के पावन अवसर को लेकर श्री शिव बारात आयोजन केंद्रीय महासमिति, पहाड़ी मंदिर मुख्य द्वार की एक महत्वपूर्ण बैठक पहाड़ी मंदिर परिसर में आयोजित की गई.

इस बैठक की अध्यक्षता समिति के संस्थापक नंद किशोर सिंह चंदेल ने की. बैठक में महाशिवरात्रि के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.

15 फरवरी को निकलेगी शिव बारात
बैठक में अध्यक्ष नंद किशोर सिंह चंदेल ने बताया कि इस वर्ष भी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार से सबसे पहले शिव बारात निकाली जाएगी. उन्होंने कहा कि शिव बारात हर साल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का बड़ा केंद्र होती है.
कानपुर से आएंगी आकर्षक झांकियां
बैठक के दौरान झांकियों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया. बताया गया कि इस बार कानपुर से विशेष झांकियां मंगाई जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी. ये झांकियां शिव विवाह और धार्मिक कथाओं पर आधारित होंगी.
8 फरवरी को मेहंदी-हल्दी कार्यक्रम
समिति द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि 8 फरवरी को पहाड़ी मंदिर स्थित महाकाल मंदिर में दिन के 1 बजे से पहाड़ी बाबा का मेहंदी-हल्दी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है.
महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी?
इस वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 4:23 बजे शुरू होकर 16 फरवरी की शाम 5:09 बजे समाप्त होगी.
शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि पर रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजन का विधान है. इसी कारण 15 फरवरी को ही काशी सहित पूरे क्षेत्र में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा.
चार प्रहर का पूजा मुहूर्त
  • फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026 दिन रविवार की शाम 04 बजकर 23 मिनट पर
  • फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन: 16 फरवरी दिन सोमवार की शाम 05 बजकर 09 मिनट पर
  • निशिता काल पूजा समय – 15 फरवरी 2026 की रात 11 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट
  • अवधि – 00 घण्टे 51 मिनट