सड़क, पानी, बिजली और राशन की शिकायतें सुनते दिखे मुख्यमंत्री, सीएमओ ने कहा- जनता से जुड़ाव प्राथमिकता

Jharkhand: मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि यह पहल जनता की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को करीब से जानने के उद्देश्य से की गई है.
 

Jharkhand: राज्य में आम लोगों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझने के लिए मुख्यमंत्री Hemant Soren अचानक सड़कों पर नजर आए. बिना पूर्व सूचना के किए गए इस दौरे में मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से सीधे संवाद किया, उनकी शिकायतें सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि यह पहल जनता की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को करीब से जानने के उद्देश्य से की गई है.

सीएमओ के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, राशन और रोजगार से जुड़ी दिक्कतों पर लोगों से बातचीत की. इस दौरान कई जगहों पर स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई भी कराई गई.

रविवार की शाम को उन्होंने फिर कुछ ऐसा किया जो चर्चा के केंद्र में है. खुद सीएमओ ने उनके औचक निरीक्षण की पुष्टि की है.

सीएमओ ने की औचक निरीक्षण की पुष्टि

सीएमओ की ओर से एक्स पर लिखा गया है कि " जनता की तकलीफों को करीब से समझने के लिए खुद सड़कों पर हैं मुख्यमंत्री. यह पहली बार नहीं है. इससे पहले भी दिसंबर 2025 और अप्रैल 2026 में ऐसे औचक निरीक्षण कर चुके हैं मुख्यमंत्री" . 

क्या हुआ जब सीएम पहुंचे कांटा टोली चौक

दरअसल, रविवार की शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने कांके रोड स्थित आवास से राजधानी की गतिविधियों का जायजा लेने अचानक निकल पड़े थे. इसकी भनक किसी को नहीं थी. मुख्यमंत्री अचानक राजधानी के सबसे व्यस्ततम चौक में शुमार कांटा टोली चौक पहुंच गये. वहां लचर यातायात व्यवस्था को देखकर उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के पदाधिकारियों को फटकार लगाई.

वहां उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने अवैध पार्किंग पर सख्ती बरतने का निर्देश दिया. आला अधिकारियों तक यह जानकारी पहुंचते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. आनन फानन में ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात तमाम पुलिस कर्मियों को अलर्ट किया गया. 

हालांकि रविवार के दिन रांची की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव अन्य दिनों की तुलना में थोड़ा कम रहता है. इसके बावजूद कुछ ऐसे चौक चौराहे हैं जहां 1 मिनट की कोताही होने पर भी जाम की स्थिति बन जाती है. इसके अलावा कई लोग ऐसे होते हैं जो ट्रैफिक नियम को बाईपास कर नई अवयस्था खड़ी कर देते हैं.

बता दें कि सीएम के औचक निरीक्षण का ही नतीजा है कि रांची के सभी चौक चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के जवान नजर आते हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2025 में इसी तरह से शहर का जायजा लिया था. मुख्यमंत्री इस बात पर हमेशा फोकस करते रहे हैं कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रहनी चाहिए, क्योंकि इसमें थोड़ी सी भी कोताही हम लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर देती है.