दिल्ली से CM हेमंत सोरेन का बड़ा Vision, बोले- झारखंड की पहचान अब सिर्फ खनिज नहीं, प्रतिभा और तकनीक से भी बनेगी

Jharkhand: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के औद्योगिक विकास की चर्चा झारखंड के बिना अधूरी है. राज्य ने देश को सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि उत्कृष्ट मानव संसाधन भी दिए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड की नई पहचान "माइंस से माइंड्स", "रिसोर्सेज से रिसर्च" और "एक्सट्रैक्शन से इनोवेशन" की दिशा में बनाई जाएगी. सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है.
 

Jharkhand:  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अब समय आ गया है कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा (Mines) से नहीं, बल्कि प्रतिभा, नवाचार और ज्ञान (Minds) से भी बने. उन्होंने कहा कि राज्य का भविष्य सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर नहीं, बल्कि रिसर्च, इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक आधारित विकास पर निर्भर करेगा. यह बात उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026 के उद्घाटन सत्र में कही.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के औद्योगिक विकास की चर्चा झारखंड के बिना अधूरी है. राज्य ने देश को सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि उत्कृष्ट मानव संसाधन भी दिए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड की नई पहचान "माइंस से माइंड्स", "रिसोर्सेज से रिसर्च" और "एक्सट्रैक्शन से इनोवेशन" की दिशा में बनाई जाएगी. सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है.

विजन 2050 के तहत बनेंगी नई नीतियां

हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य सरकार विजन 2050 के तहत झारखंड के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप तैयार कर रही है। इसके लिए उद्योग जगत, नीति विशेषज्ञों, निवेशकों और तकनीकी संस्थानों से सुझाव लिए जा रहे हैं. इस दो दिवसीय परामर्श कार्यक्रम में AI नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल नीति, JIADA विनियम और PPP नीति समेत छह प्रमुख ड्राफ्ट नीतियों पर चर्चा की जा रही है.

AI और टेक्नोलॉजी बनेगी विकास की नई ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड तकनीकी क्रांति का अपना अलग मॉडल विकसित करेगा. राज्य किसी दूसरे मॉडल की नकल नहीं करेगा, बल्कि अपनी जरूरतों और क्षमताओं के अनुरूप तकनीक आधारित विकास की राह तैयार करेगा. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि तकनीक का लाभ गांवों तक पहुंचे और इससे रोजगार, सुशासन तथा नागरिक सेवाओं में बड़ा बदलाव आए.

आईटी कंपनियों और उद्योग जगत की रही भागीदारी

कार्यक्रम में Google, Microsoft, IBM, Oracle समेत कई राष्ट्रीय और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योगपति, नीति विशेषज्ञ और सरकारी अधिकारी शामिल हुए. इस दौरान निवेश, डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई. सरकार का मानना है कि इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और झारखंड देश के उभरते टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित होगा.