सीएम हेमंत सोरेन ने दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का किया Inauguration, CM ने कहा- यह लंबी लकीर राजधानी रांची और दिल्ली तक पहुंचेगी...

Jharkhand Desk: 

सीएम ने कहा कि राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरा होने के बाद हमने सोचा कि कहां से विकास की लंबी लकीर खींची जाए. फिर हमने इसके लिए संथाल परगना को चुना और संथाल से खींची गई विकास की यह लंबी लकीर राजधानी रांची और दिल्ली तक पहुंचेगी.

 

Jharkhand Desk: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका एयरपोर्ट पर बने झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया. इस मौके पर सीएम ने लोगों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया. इसके साथ ही जिलावासियों को करोड़ों की योजनाओं की सौगात भी दी. इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि हमारी सरकार विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. लोगों से ये अपील है कि आप हमारा साथ दें, अपना एक हाथ बढाएं, हम उसे दोनों हाथों से थामकर प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे. 

सीएम ने कहा कि राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरा होने के बाद हमने सोचा कि कहां से विकास की लंबी लकीर खींची जाए. फिर हमने इसके लिए संथाल परगना को चुना और संथाल से खींची गई विकास की यह लंबी लकीर राजधानी रांची और दिल्ली तक पहुंचेगी.

उन्होंने कहा कि 25 वर्ष के इस झारखंड में हम सब ने काफी आंधी-तूफान झेला है, कई उतार-चढ़ाव भी देखे हैं. यहां तक की मुझे भी जेल भेज दिया गया पर अब हमारा राज्य विकास की मार्ग पर अग्रसर है.

फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में प्रतिवर्ष 30 युवाओं को मिलेगा प्रवेश

मुख्यमंत्री के द्वारा आज सोमवार को दुमका एयरपोर्ट पर बने झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की शुरुआत की गयी. इसमें प्रतिवर्ष 30 युवाओं को प्रवेश मिलेगा. उन युवकों को कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

इसमें 15 सीट आरक्षित कोट के अभ्यर्थियों के लिए रिजर्व होगी, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. इसके साथ ही अन्य अनारक्षित 15 सीटों पर भी रियायत फीस लेकर ट्रेनिंग दी जाएगी.

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि इस संस्थान की परिकल्पना झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन ने अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में की थी. सीएम रहते उन्होंने इसका शिलान्यास भी किया था.

इसे चलाने के काफी प्रयास किए गए पर पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और इस योजना को डिब्बे में बंद कर दिया गया था.

पूर्व की सरकार नहीं चाहती थी कि यहां के मूलवासी-आदिवासी आगे बढ़े. अगर यह योजना उस वक्त से लगातार जारी रहता तो अब तक न जाने कितने युवाओं को एक अच्छा रोजगार मिल गया होता लेकिन हमारी सरकार ने इसे शुरू करने का काम किया है.

आने वाले दिनों में गरीब घर के युवक-युवतियां पायलट के रूप में उड़ान भरती नजर आएंगी. हमारी सरकार जनकल्याण के लिए काफी योजना चल रही है. विदेश में करोड़ों रुपए खर्च कर छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए भेजा जा रहा है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काफी काम किया जा रहे हैं.

अधिकारियों को दी चेतावनी

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अधिकारियों को जनता का काम जिम्मेदारी पूर्वक और ससमय करना है क्योंकि उनकी ही गाढ़ी कमाई से उन्हें वेतन दिया जाता है. अगर अधिकारियों के द्वारा इसमें लापरवाही बरती गई तो उन्हें दंडित किया जाएगा.

लगभग 300 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लगभग 300 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इसके साथ ही लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का भी वितरण किया. जरूरतमंदों को अबुआ आवास, ट्राई साइकिल और अन्य योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया.

दुमका के मसलिया प्रखंड में बन रहे मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का भी सीएम ने निरीक्षण किया और मंच से लोगों को जानकारी दी कि यह योजना दो माह में पूर्ण हो जाएगी. इससे सैकड़ों गांव के लोगों को सिंचाई की सुविधा मिल पाएगी.