नेमरा से सीएम हेमंत सोरेन का संदेश: शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड बनाने का लिया संकल्प, युवाओं को सही दिशा देने पर दिया जोर

Dishom Guru Shibu Soren: मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान नेताओं ने अपने खून-पसीने से झारखंड राज्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया. अब समय है कि सभी लोग मिलकर उनके सपनों का समृद्ध और विकसित झारखंड बनाने की दिशा में काम करें.
 

Pakur: झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता और दिशोम गुरु पद्म भूषण शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर रामगढ़ जिले के नेमरा में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास, युवाओं के भविष्य और जनकल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं. उन्होंने कहा कि झारखंड का निर्माण वीर सपूतों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से हुआ है और अब इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी राज्य के हर नागरिक की है.

शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान नेताओं ने अपने खून-पसीने से झारखंड राज्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया. अब समय है कि सभी लोग मिलकर उनके सपनों का समृद्ध और विकसित झारखंड बनाने की दिशा में काम करें.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं और अधिकारों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जनता की आवाज सीधे सरकार तक पहुंचे.

जनता तक योजनाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार एक जिम्मेदार और संवेदनशील सरकार के रूप में काम कर रही है. सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि विकास योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे और प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह बने.

उन्होंने लोगों से भी विकास की इस यात्रा में भागीदार बनने और राज्य के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने की अपील की.

नेमरा को बनाया जाएगा श्रद्धांजलि का स्थायी केंद्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले हर वर्ष लुकैयाटांड़ में सोबरन मांझी की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित होता था. अब दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में भी नेमरा में नियमित रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि नेमरा शिबू सोरेन की जन्मस्थली है. गांव छोटा होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने में कठिनाई होती थी, इसलिए निकटवर्ती स्थान का चयन किया गया, ताकि आने वाले वर्षों में और अधिक लोग यहां पहुंचकर महान जननायक को श्रद्धांजलि दे सकें.

युवाओं को सही दिशा देने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय नई पीढ़ी का है और झारखंड के युवाओं में अपार ऊर्जा तथा असीम संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि हर शक्ति के साथ चुनौतियां भी आती हैं, इसलिए समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं को सही दिशा मिले और वे अपने लक्ष्य से भटकें नहीं.

उन्होंने युवाओं से राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.

राजनीति से ऊपर थे दिशोम गुरु

हेमंत सोरेन ने कहा कि शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि झारखंड की पहचान और जनभावनाओं के प्रतीक थे. उन्होंने अपने लंबे आंदोलन के माध्यम से झारखंड को अलग राज्य दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु की पहचान किसी पद या राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं थी. विधायक, मंत्री या अन्य राजनीतिक पदों से कहीं ऊपर उठकर वे एक जननायक के रूप में लोगों के दिलों में बसे रहे.

पूरे राज्य से उमड़ा श्रद्धांजलि देने वालों का सैलाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और तैयारियों में आई चुनौतियों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग राज्य के विभिन्न जिलों से नेमरा पहुंचे. उन्होंने इसे दिशोम गुरु के प्रति जनता के सम्मान और प्रेम का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक मंच पर एकत्र हुए, जो शिबू सोरेन के प्रति लोगों की गहरी आस्था और सम्मान को दर्शाता है.