अवैध खनन पर CM हेमंत का बड़ा एक्शन! हर जिले में टास्क फोर्स, चेकनाके भी बनेंगे 

Jharkhand Illegal Mining:  रांची: झारखंड में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर सरकार ने सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद सभी जिलों में टास्क फोर्स गठित करने पर सहमति बनी है. साथ ही अवैध परिवहन की निगरानी के लिए अलग-अलग जिलों में चेकनाके बनाए जाएंगे.
 

Jharkhand illegal Mining: झारखंड में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर अब सरकार सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिलों में टास्क फोर्स के गठन को लेकर सहमति बनी है। इसके साथ ही खनिजों के अवैध परिवहन की निगरानी के लिए विभिन्न जिलों में स्थायी और अस्थायी चेकनाका भी स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

सभी जिलों में बनेगी टास्क फोर्स

बैठक में राज्य के प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स के गठन पर सहमति बनी। टास्क फोर्स का उद्देश्य अवैध खनन, खनिजों के परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ाना और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा।

बैठक में खनन से जुड़े विभिन्न विभागों के मामलों का आपसी समन्वय से निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा खनन प्रहरी के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इन जिलों में पहले से चल रहे हैं चेकपोस्ट

बैठक में जिलों में चेकनाका और चेकपोस्ट की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा में स्थायी या अस्थायी रूप से चेकपोस्ट संचालित हो रहे हैं।

इन चेकपोस्ट के जरिए खनिजों के परिवहन पर नजर रखने और अवैध गतिविधियों की जांच करने का काम किया जा रहा है।

पांच जिलों में चेकपोस्ट के लिए जल्द मिलेगी राशि

बैठक में बताया गया कि चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी और देवघर के खनन पदाधिकारियों ने चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए राशि की मांग की है। विभाग की ओर से इन जिलों को जल्द राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

वहीं, रांची, लातेहार, गिरिडीह, चाईबासा, लोहरदगा और कोडरमा में चेकनाका को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई और आवश्यक स्थानों पर चेकनाका बनाने का निर्णय लिया गया।

शिकायतों पर होगी जांच और कार्रवाई

राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि प्राप्त शिकायतों की सही तरीके से जांच की जाए और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा खनन प्रहरी के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों की जांच कर कार्रवाई करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

हाईकोर्ट और NGT के आदेशों का पालन जरूरी

बैठक में अधिकारियों को अवैध खनन से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT के आदेशों का भी पालन कराने पर जोर दिया गया।

सरकार का फोकस अवैध खनन के साथ-साथ खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर भी निगरानी बढ़ाने का है।

लीगल सोर्स बढ़ाने पर भी जोर

बैठक में खनिज आपूर्ति के लिए लीगल सोर्स बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य वैध स्रोतों से खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना और अवैध स्रोतों पर निर्भरता को कम करना है।

इसके साथ ही थाना परिसरों में जब्त किए गए खनिजों और वाहनों का नियमानुसार निष्पादन करने का निर्देश भी दिया गया।

अगस्त तक राजस्व वसूली की भी समीक्षा

राज्य स्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अगस्त महीने तक राजस्व वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। खनन विभाग से जुड़े राजस्व और अन्य मामलों पर अधिकारियों के साथ चर्चा हुई।

सरकार की ओर से अवैध खनन पर रोक लगाने के साथ-साथ खनन क्षेत्र से जुड़े राजस्व को बढ़ाने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

अवैध खनन पर सरकार के प्रमुख निर्देश

  • सभी जिलों में टास्क फोर्स के गठन पर सहमति।
  • अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी बढ़ाने के लिए चेकनाका।
  • खनन प्रहरी की शिकायतों की जांच के बाद कार्रवाई।
  • हाईकोर्ट और NGT के आदेशों का अनुपालन।
  • खनिजों के लिए लीगल सोर्स बढ़ाने पर जोर।
  • जब्त खनिजों और वाहनों का नियमानुसार निष्पादन।
  • विभागों के बीच बेहतर समन्वय से मामलों का निपटारा।

झारखंड सरकार के इस कदम से राज्य में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर निगरानी व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। अब सभी जिलों में टास्क फोर्स और चेकनाका की व्यवस्था लागू होने के बाद कार्रवाई का दायरा और व्यापक हो सकता है।