नए साल में कांग्रेस और भाजपा ने बनाई ये खास रणनीति, मनरेगा VS जी राम जी पर जबरदस्त बहस
Ranchi: नूतन वर्ष 2026 का आगाज हो चुका है. नए वर्ष की खुशियों के बीच कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने मनरेगा और विकसित भारत जी राम जी योजना को लेकर जनता के बीच जाने की खास रणनीति बनाई है. झारखंड कांग्रेस अपनी इस रणनीति की शुरुआत 05 जनवरी को रांची के बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास संकल्प लेकर करेगी तो दूसरी ओर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा मनरेगा की खामियों को दूर कर पीएम मोदी द्वारा शुरू की गयी नई रोजगार योजना 'विकसित भारत जी राम जी" योजना की अच्छाइयों का बखान गांव गांव में जाकर 08 जनवरी से 10 जनवरी के बीच करेगी.
मनरेगा और जी राम जी योजना को लेकर दोनों दल कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के तीखे तेवर से यह साफ हो गया है कि नए वर्ष की शुरुआती दिनों में झारखंड की राजनीति के केंद्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ही रहने वाला है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि 05 जनवरी को झारखंड कांग्रेस के राज्यभर के नेता-कार्यकर्ता रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता की प्रतिमा के सामने मनरेगा को बचाने का संकल्प लेकर "लोकभवन" मार्च करेंगे. उसके बाद लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे. केशव महतो कमलेश कहते हैं कि मनरेगा को बचाने की लड़ाई की शुरुआत इस दिन से होगी. इस दिन से मनरेगा में हुए बदलाव से होने वाले नुकसान को लेकर जनता के बीच जाने के कार्यक्रम की शुरुआत होगी और सभी जिलों, प्रखंडों और पंचायतों में कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता जाएंगे. कांग्रेसी मजदूरों के बीच जाएंगे और बताएंगे कि कैसे मनरेगा की जगह नई योजना लाकर केंद्र की मोदी सरकार ने आपके "रोजगार के अधिकार" को कमजोर किया है.
झारखंड प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि भाजपा की यह आदत रही है कि वह कांग्रेस के समय में जनता को दिए अधिकार को हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दे उठाती है और फिर उसकी आड़ में अपने कॉरपोरेट मित्रों के फायदे वाला कानून लाद देती है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस जनता को यह बताएगी कि कैसे राज्यों पर अनावश्यक बोझ जी राम जी के द्वारा डाला गया है. उन्होंने बताया कि अब रोजगार आपका अधिकार नहीं, बल्कि केंद्र की सरकार और पंचायत के अधिकारियों पर निर्भर हो जाएगा. उन्होंने कहा कि मजदूर जब कुदाल चलाता है तो मेहनत करते-करते उसके हाथों की रेखाएं घिस जाती हैं, फिर उसका बायोमेट्रिक काम नहीं करेगा और जो मजदूर काम करेंगे, उसे भुगतान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदल कर केंद्र की मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि भाजपा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विरोधी पार्टी है और राज्य की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी.
झारखंड भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस विकसित भारत का सपना पूरा होते नहीं देखना चाहती. उन्होंने कहा कि जब-जब केंद्र की मोदी सरकार राष्ट्रहित में कोई बड़ा फैसला लेती है, तब-तब कांग्रेस के नेता बेवजह चिल्लाने लगते हैं. उनका लक्ष्य जनता को दिग्भ्रमित करने का होता है. उन्होंने कहा कि अब देश के प्रधानमंत्री जी राम जी को लेकर अपना कदम पीछे नहीं करने वाले हैं.
उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए 08 जनवरी से 10 जनवरी तक झारखंड भाजपा के सभी नेता-कार्यकर्ता गांव का रुख करेंगे और लोगों को बताएंगे कि कैसे "जी राम जी" योजना मजदूरों, किसानों के हित में होने के बावजूद कांग्रेस सिर्फ इसलिए इसका विरोध कर रही है क्योंकि इसके साथ राम जी का नाम जुड़ा है.
राज्यसभा सांसद और झारखंड भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 08 से 10 जनवरी तक हम ग्रामीण इलाकों में जाकर सभा, नुक्कड़ नाटक, जनजागरुकता के अन्य साधनों का इस्तेमाल कर लोगों को यह बताएंगे कि भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी मनरेगा योजना से बेहतर जी राम जी योजना है.