झारखंड राज्यसभा चुनाव पर कांग्रेस का फोकस बढ़ा, पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और अजय शर्मा पहुंचे रांची
Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा चुनाव के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक भूपेश बघेल तथा सह-पर्यवेक्षक अजय शर्मा शुक्रवार को रांची पहुंचे. उनके आगमन के साथ ही राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीतिक तैयारियां भी तेज हो गई हैं.
रांची पहुंचने के बाद दोनों नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों और विधायकों के साथ बैठक कर चुनावी समीकरणों पर चर्चा की. बैठक में उम्मीदवार के समर्थन, गठबंधन की स्थिति और आगे की रणनीति पर मंथन किया गया. राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति इन दिनों काफी गर्म है. महागठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं. ऐसे में भूपेश बघेल और अजय शर्मा का रांची दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
रांची एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, राधा कृष्ण किशोर, बंधु तिर्की, प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे, राजीव रंजन प्रसाद, आदित्य विक्रम जायसवाल, मेहुल दुबे, अनिल सिंह, अभिलाष साहू, कुलदीप कुमार, राजेश सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों पर्यवेक्षकों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया.
एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है और झारखंड में महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है. पार्टी नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे. रांची एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला.
नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर पर्यवेक्षकों का अभिनंदन किया तथा राज्यसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत का विश्वास व्यक्त किया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव केवल एक निर्वाचन प्रक्रिया नहीं, बल्कि झारखंड में महागठबंधन की एकता, मजबूती और राजनीतिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बनेगा. राजनीतिक जानकारों के अनुसार राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और महागठबंधन की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि पार्टी चुनाव को पूरी गंभीरता और रणनीतिक तैयारी के साथ लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
रांची आगमन पर पर्यवेक्षकों का हुआ भव्य स्वागत भी संगठन की एकजुटता और उत्साह को प्रदर्शित करता है. अब यह भी देखना बाकी है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अपना दूसरा उम्मीदवार मैदान में उतारता है या नहीं.