14 दिसंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली, प्रदेश कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक हुई संपन्न
Jharkhand Desk: प्रदेश कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में आगामी 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय रैली की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई. पार्टी ने दावा किया है कि झारखंड से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस की ताकत का प्रदर्शन करेंगे.
बैठक के दौरान यह रणनीति बनाई गई कि राज्य के सभी जिलों से कार्यकर्ताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि यह रैली सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़े जन आंदोलन का हिस्सा है. हालांकि, बैठक में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सवाल भी उठे. क्योंकि आधे से ज्यादा पदाधिकारी बैठक से नदारद रहे, जिससे अंदरखाने चर्चा तेज है.
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के साथ मंत्री दीपिका पांडे और तीनों कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो और शाहनवाज आलम सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. प्रदेश अध्यक्ष ने जिम्मेदारियों का बंटवारा करते हुए सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित संख्या में कार्यकर्ताओं को दिल्ली रैली तक भेजने की तैयारी तेजी से पूरी करें. बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस वोट चोरी के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संवैधानिक स्तर पर लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने कहा वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा. दिल्ली की रैली में झारखंड से मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी. उन्होंने कहा कि जनता के वोट पर डाका डालने वाली ताकतों के खिलाफ हम मजबूती से खड़े हैं.
वहीं कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने भी आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दिया. उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस सड़क से सदन तक आक्रामक भूमिका में रहेगी. लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष हमारा कर्तव्य है और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. बैठक में मौजूद कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने रैली को सफल बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं, देश के मतदाताओं की है. हम इसे मजबूती से लड़ेंगे. मंत्री ने कहा कि दिल्ली रैली में झारखंड कांग्रेस अपनी एकजुटता और संकल्प दिखाएगी.
14 दिसंबर को प्रस्तावित यह रैली कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है. जिसमें चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, EVM से जुड़ी शिकायतों और मतदाता अधिकारों के सवाल को राष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा. पार्टी का दावा है कि रामलीला मैदान में लाखों की संख्या में लोग जुटेंगे, जिसमें झारखंड की भूमिका अहम होगी.
हालांकि कार्यसमिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की अनुपस्थिति ने संगठन की सक्रियता और अनुशासन पर सवाल जरूर खड़े किए हैं. लेकिन नेतृत्व का कहना है कि रैली को सफल बनाने के लिए सभी स्तर पर तैयारी जारी है. अब प्रदेश कांग्रेस की निगाहें 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन पर टिकी है.