MMDR बिल के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन तेज, फुरकान अंसारी बोले- गांव और प्रखंड स्तर तक पहुंचाएंगे विरोध
Jharkhand news: खनिज अधिनियम और MMDR बिल को लेकर झारखंड में सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है। शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने MMDR बिल की नीतियों और इसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस देश में अलग-अलग संविधान और अलग-अलग नियमों की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगी।
‘देश के हित में नहीं है MMDR बिल’
फुरकान अंसारी ने केंद्र सरकार की ओर से लाए गए खनिज अधिनियम को न्यायसंगत नहीं बताया। उन्होंने कहा कि देवघर की धरती से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जरिए केंद्र सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि यह कानून देश के भविष्य को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है।
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि कानून के पीछे सरकार के अपने हित जुड़े हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे आम लोगों के बीच ले जाएगी।
झारखंड को ₹1.58 लाख करोड़ के नुकसान का दावा
MMDR कानून के संभावित आर्थिक प्रभावों को लेकर फुरकान अंसारी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से कई राज्यों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और झारखंड को करीब 1.58 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
उन्होंने उन सवालों का भी जवाब दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि संसद से पारित कानून को वापस लेना आसान नहीं होता। कांग्रेस नेता ने इसके जवाब में केंद्र के कृषि कानूनों का उदाहरण दिया और कहा कि किसानों के लंबे आंदोलन के बाद सरकार को कृषि कानून वापस लेने पड़े थे।
7 सितंबर को रांची में प्रदर्शन
कांग्रेस ने MMDR बिल के विरोध को लेकर अपने अगले कार्यक्रम का ऐलान भी किया है। फुरकान अंसारी के मुताबिक 7 सितंबर को रांची में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन को जिला, प्रखंड और गांव के स्तर तक ले जाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर MMDR बिल के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों की जानकारी देंगे। पार्टी का उद्देश्य इस मुद्दे को राज्य के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
अयोध्या और वाराणसी के मुद्दे भी उठाए
प्रेस वार्ता के दौरान फुरकान अंसारी ने MMDR बिल के अलावा अयोध्या और वाराणसी में मंदिरों से जुड़ी जमीन और चंदे के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या के आसपास मंदिरों की जमीन गुजरात के लोगों को बेची जा रही है और वहां होटल व गेस्ट हाउस बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि यदि जमीन मंदिर की संपत्ति है तो उसे बेचने का अधिकार किसके पास है। उनके इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मोदी-शाह पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने भाजपा की ओर से मुगल शासन के दौरान मंदिरों को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपों का संदर्भ देते हुए मौजूदा राजनीति पर सवाल उठाए।
फुरकान अंसारी ने कहा कि यदि धार्मिक स्थलों को लेकर इसी तरह की सोच को मुगल मानसिकता कहा जाता है, तो आज की ऐसी मानसिकता को किस नाम से संबोधित किया जाएगा। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है।
कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता मुन्नम संजय, उदय प्रकाश, दिनेश मंडल और दिनेशानंद झा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
MMDR बिल को लेकर कांग्रेस के इस अभियान के बाद झारखंड में सियासी गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं। अब 7 सितंबर को रांची में होने वाले प्रदर्शन और उसके बाद गांव-प्रखंड स्तर पर प्रस्तावित अभियान पर सभी की नजर रहेगी।