कानून व्यवस्था पर आर-पार की लड़ाई: बीजेपी शिष्टमंडल ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर DGP से की सख्त कार्रवाई की मांग
Ranchi: झारखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राजधानी रांची स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचा और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को ज्ञापन सौंपकर गंभीर चिंता जताई। बीजेपी नेताओं ने राज्य में बढ़ते अपराध, महिलाओं की सुरक्षा, हत्या, लूट, रंगदारी और संगठित अपराध के मामलों में तेजी का हवाला देते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए.
“अपराधियों के हौसले बुलंद”
बीजेपी शिष्टमंडल ने ज्ञापन में कहा कि झारखंड में कानून व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है. राजधानी रांची से लेकर जिलों तक हत्या, बलात्कार, चोरी, लूट और गोलीबारी की घटनाएं आम हो गई हैं. पार्टी नेताओं का आरोप है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है, जिससे आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल
ज्ञापन में खासतौर पर महिलाओं, छात्राओं और व्यापारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में इजाफा हुआ है, जबकि व्यापारियों से रंगदारी और धमकी की घटनाएं आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं. शिष्टमंडल ने आरोप लगाया कि कई मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले और बढ़ रहे हैं.
पुलिसिंग सिस्टम में सुधार की मांग
बीजेपी ने पुलिस प्रशासन से
- संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने,
- संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई,
- लंबित मामलों के त्वरित निपटारे,
- और अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने
की मांग की है।
पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि पुलिस बल की तैनाती, संसाधनों और जवाबदेही की समीक्षा जरूरी है.
DGP ने दिया आश्वासन
DGP ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और जहां भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सियासी बयानबाजी तेज
बीजेपी ने साफ कहा है कि अगर हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी. वहीं, सत्तारूढ़ दल की ओर से इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया जा रहा है. कुल मिलाकर, झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर बढ़ता विवाद एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं.