असम में लोकतंत्र का महापर्व: 126 सीटों पर मतदान जारी, वोटिंग प्रतिशत पर सबकी नजर; झारखंड में JMM की 19 सीटें बनीं चर्चा का केंद्र, सियासी समीकरण बदलने के संकेत
असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं. मतदान के दौरान सुरक्षा, मतदान प्रतिशत और प्रमुख उम्मीदवारों पर नजर रहती है.
Assam Assembly Election: असम में कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग जारी है. सभी की निगाहें इस चुनाव पर टिकीं हुई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम में लगभग 19 सीटों पर खूब पसीना बहाया है. सीएम हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन सहित झामुमो के स्टार प्रचारकों ने असम में कैंप कर अपने पार्टी समर्थित उम्मीदवार को जीतने के लिए चुनाव प्रचार किया.
मतदान भले ही असम में हो रहा हो पर झारखंड की भी पैनी निगाह है और बयानबाजी भी हो रही है. असम से झामुमो को बहुत उम्मीदें हैं , झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने उम्मीदवार के लिए दिन रात मेहनत किया है.
झामुमो प्रवक्ता धीरज दुबे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे केंद्रीय अध्यक्ष सीएम हेमंत सोरेन और तेज तर्रार नेता कल्पना सोरेन ने स्टार प्रचारक के रुप में झामुमो उम्मीदवार के समर्थन में असम में बहुत पसीना बहाया है.
असम में मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं हम लोगों ने असम की जनता को एक उम्मीद दिया है, विकल्प दिया है.
उस विकल्प को असम की जनता चुनेगी. आदिवासी समाज को एसटी का दर्जा देना, चाय बागान में काम करने वाले की मजदूरों बढ़ाना भी हमारी प्रतिबद्धता है. उम्मीद है असम में झामुमो का तीर धनुष चलेगा.
वहीं, कांग्रेस प्रदेश महासचिव आलोक दुबे ने असम में वोटिंग को लेकर कहा कि हिमंता बिश्व शर्मा और बीजेपी का चेहरा ये बता रहा कि उनका पराजय सुनिश्चित है और इसी लिए बाबा बैद्यनाथ धाम आशीर्वाद लेने आए थे पर बाबा ने कहा दिया बड़का झूठा पार्टी जिसने पूरे देश को बर्बाद कर दिया है,
अर्थव्यवस्था खतरे में हैं. हर मुद्दे पर हिमंता बिश्वा असफल हैं, उनकी हार निश्चित है. राहुल गांधी के नेतृत्व में वहां एक स्टेबल सरकार बनेगी, जो असम के विकास को रेखांकित करेंगे.
बीजेपी विधायक सी पी सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरा अनुभव है. कई बार दिखता है दल विशेष के लोग जीत के दावे करते हैं तो बात समझ में आती है, लेकिन कई बार निर्दलीय 200 वोट लाने वाला भी जीत के दावे करता है. इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि झामुमो की असम में क्या स्थिति रहेगी.