फिर डराने लगा डेंगू स्वास्थ्य अलर्ट: राज्य में डेंगू के मामलों में उछाल, रांची सबसे ज्यादा प्रभावित; क्या हैं शुरुआती संकेत...
Ranchi: राज्य में एक बार फिर डेंगू के मामलों में तेजी देखी जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हाल के दिनों में कई जिलों से डेंगू के संदिग्ध और पुष्टि किए गए केस सामने आए हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले राजधानी रांची से रिपोर्ट हुए हैं. बदलते मौसम, रुक-रुक कर हो रही बारिश और जगह-जगह जमा पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे हैं.
01 जनवरी 2026 से 24 मार्च 2026 तक के आंकड़े में जिन जिलों में डेंगू संक्रमित मरीज मिले हैं उसमें सबसे ज्यादा 04 मरीज राजधानी रांची में मिले हैं. जबकि पूर्वी सिंहभूम में एक, गढ़वा में दो, गिरिडीह में एक, गोड्डा में दो, हजारीबाग में एक, लातेहार में एक, रामगढ़ में एक और पश्चिम सिंहभूम में एक डेंगू के कंफर्म मरीज मिल चुके हैं.
डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, जो दिन के समय ज्यादा सक्रिय रहता है. विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. समय पर जांच और इलाज से डेंगू पूरी तरह ठीक हो सकता है, लेकिन देर होने पर प्लेटलेट्स तेजी से गिर सकते हैं.
झारखंड में डेंगू मरीजों का मिलना तब शुरू हुआ है, जब अभी मानसून आने में करीब तीन महीने का वक्त है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है. अस्पतालों में तेज बुखार और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों को डेंगू सस्पेक्टेड मानकर टेस्टिंग पर विशेष जोर दिया है. राजधानी क्षेत्र में सबसे ज्यादा मरीज मिलने के बाद सदर अस्पताल में बड़ी संख्या में टेस्टिंग किट मंगवा लिया गया है.
2025 में 396 डेंगू संक्रमित मरीज मिले थे
झारखंड राज्य में वर्ष 2025 में 10,111 सैंपल की जांच हुई थी. जिसमें 396 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी. झारखंड में वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल के नोडल पदाधिकारी के अनुसार 2025 में पूर्वी सिंहभूम में एक डेंगू पीड़ित मरीज की मौत भी हुई थी. 2025 में सबसे ज्यादा 101 मरीज रांची में मिले थे. जबकि पूर्वी सिंहभूम में 77, हजारीबाग में 49, साहिबगंज में 30 मरीज डेंगू के मिले थे.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के सभी उपाय अपनाएं.
डेंगू बनाम सामान्य बुखार: क्या है अंतर?
| बिंदु | डेंगू | सामान्य बुखार |
|---|---|---|
| बुखार | अचानक तेज (102–104°F) | हल्का या मध्यम |
| सिर दर्द | बहुत तेज, आंखों के पीछे दर्द | सामान्य |
| शरीर दर्द | जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द | हल्का |
| उल्टी/मतली | आम | कभी-कभी |
| त्वचा पर चकत्ते | 3–4 दिन बाद हो सकते हैं | नहीं |
| प्लेटलेट्स | तेजी से गिरते हैं | सामान्य रहते हैं |
| खून बहना | गंभीर मामलों में संभव | नहीं |
बुखार 2 दिन से ज्यादा रहे तो तुरंत जांच कराएं.
पब्लिक अलर्ट | डेंगू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
क्या करें
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें
- कूलर, टंकी, गमले हफ्ते में साफ करें
- पूरी बांह के कपड़े पहनें
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें
- बुखार में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
क्या न करें
- बिना जांच पेनकिलर/दर्द निवारक दवा न लें
- बुखार को हल्के में न लें
- खुले में पानी जमा न रहने दें
स्वास्थ्य विभाग की अपील:
“डेंगू से डरें नहीं, लेकिन लापरवाही न करें—समय पर जांच और सावधानी ही बचाव है