देवेंद्रनाथ महतो का बड़ा ऐलान! ‘परीक्षा रद्द होना पहली जीत, सुधार की गारंटी तक जारी रहेगा आंदोलन’

Ranchi: JPSC-JSSC मुद्दे पर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि परीक्षाओं का रद्द होना आंदोलन की प्रथम चरण की जीत है. उन्होंने साफ किया कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में सुधार की गारंटी नहीं मिलती, तब तक छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा.
 

Ranchi: JPSC-JSSC न्याय मंच के छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा है कि विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का राज्य सरकार का फैसला छात्रों के आंदोलन की पहली बड़ी जीत है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। जब तक JPSC-JSSC की भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं होता और भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने की ठोस गारंटी नहीं मिलती, तब तक छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा।

प्रेस वार्ता के दौरान देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन का टेंट फिलहाल लगा रहेगा और विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर वहां डटे रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह भी आंदोलन के बीच आते-जाते रहेंगे। भूख हड़ताल को फिलहाल रोक दिया गया है, लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।

मशाल जुलूस से विधानसभा घेराव तक चला आंदोलन

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत से ही छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार कार्यक्रम किए। छात्रों ने मशाल जुलूस, विधानसभा घेराव और तिरंगा यात्रा समेत कई कार्यक्रम आयोजित कर सरकार और भर्ती व्यवस्था का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचा।

उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों की आवाज को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए मीडिया का भी आभार जताया। उनके मुताबिक, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ने छात्रों की मांगों और आंदोलन को प्रमुखता से सामने रखा।

सरकार का फैसला छात्रों की ऐतिहासिक जीत

छात्र नेता ने कहा कि विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का सरकार का फैसला छात्रों के लिए ऐतिहासिक जीत है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया। साथ ही आंदोलन के दौरान छात्रों की मदद करने वाले देश-दुनिया के लोगों का भी धन्यवाद किया।

हालांकि, उन्होंने कहा कि अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा। इस चरण का मुख्य मुद्दा भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में सुधार और उसे पारदर्शी बनाना होगा।

'सिर्फ परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं'

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि सिर्फ परीक्षाओं को रद्द कर देना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक या अन्य अनियमितता न हो।

उन्होंने कहा कि छात्र पढ़ाई करने के बाद बार-बार आंदोलन करने या कुर्बानी देने के लिए मजबूर नहीं होना चाहते। उन्हें ऐसी मजबूत और भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था चाहिए, जिसमें परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया पारदर्शी हो।

तीन स्तरों पर निगरानी की मांग

देवेंद्रनाथ महतो ने भर्ती प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक निगरानी कमेटी गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के तीनों स्तरों पर जांच और निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि भर्ती प्रक्रिया के हर चरण के पूरा होने के बाद क्लियरेंस सर्टिफिकेट जारी किया जाए, ताकि अगला चरण पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि यदि इसके लिए संविधान या कानून में संशोधन की जरूरत पड़ती है तो सरकार को उस दिशा में भी कदम उठाना चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का सिलसिला आखिर कब तक चलता रहेगा और छात्रों को कब तक आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

CBI जांच के सवाल पर भी छात्रों के साथ

CBI जांच के मुद्दे पर देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी उनकी मांगों का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने दोहराया कि आंदोलन का टेंट तब तक रहेगा, जब तक भविष्य में भर्ती परीक्षाओं में ऐसी गड़बड़ियां नहीं होने की ठोस गारंटी नहीं मिलती।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह आंदोलन नहीं, जिम्मेदारी है।” उन्होंने साफ किया कि भूख हड़ताल को फिलहाल रोक दिया गया है, लेकिन भ्रष्टाचार मुक्त और भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

छात्रों की मांगों को लेकर आगे तय होगी रणनीति

देवेंद्रनाथ महतो ने बताया कि परीक्षाएं रद्द होने के बाद कुछ छात्र अपनी समस्याओं को लेकर अलग-अलग स्थानों पर बैठे हैं, जबकि कुछ छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

ऐसे में छात्रों की सभी मांगों और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। देवेंद्रनाथ महतो के बयान से साफ है कि परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों का आंदोलन खत्म होने के बजाय अब भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार और पारदर्शिता की मांग पर केंद्रित होने जा रहा है।