Dhanbad Traffic Jam: GT Road पर 16 KM लंबा जाम, 9 घंटे से फंसे हजारों यात्री

Dhanbad News: धनबाद में GT रोड पर भीषण जाम लगने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया. करीब 16 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और हजारों यात्री 9 घंटे तक जाम में फंसे रहे. कई यात्री रातभर सड़क पर परेशान रहे.
 

Dhanbad News: धनबाद के गोविंदपुर में जीटी रोड पर शुक्रवार आधी रात से शनिवार सुबह तक लगा भीषण जाम हजारों यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया। करीब 9 घंटे से अधिक समय तक चले जाम के कारण दिल्ली और कोलकाता लेन में लगभग 16 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई स्थानों पर वाहन घंटों तक एक ही जगह खड़े रहे।

रातभर जाम में फंसे यात्रियों को सुबह तक राहत नहीं मिली। जाम का सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बच्चों और लंबी दूरी की यात्रा कर रहे लोगों पर पड़ा।

16 किलोमीटर तक लगी वाहनों की लंबी कतार

दिल्ली लेन में गायडेहरा मोड़ से गोविंदपुर बाजार तक वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। वहीं कोलकाता लेन में पंडुकी तक और दिल्ली लेन में बरवा तक जाम का असर देखा गया।

जाम के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रातभर सड़क पर फंसे लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या शौचालय और जरूरी सुविधाओं की रही। खासकर महिलाओं को काफी परेशानी हुई। शौचालय की सुविधा नहीं मिलने पर कई महिलाओं को आसपास के घरों और होटलों का सहारा लेना पड़ा।

एंबुलेंस भी जाम में फंसी

जाम की गंभीर स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एंबुलेंस भी रास्ते में फंस गई। सायरन बजाने के बावजूद उसे आगे निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था।

सुबह तक जाम का असर बना रहा। स्थिति ऐसी थी कि कई जगह लोगों के लिए पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया।

कोलकाता से आने वाली एक बस, जो रात करीब 12:30 बजे गोविंदपुर पहुंचने वाली थी, वह सुबह करीब 6:30 बजे वहां से निकल सकी।

खराब ट्रक ने बढ़ाई जाम की समस्या

गोविंदपुर बाजार के बीच एक ट्रक खराब हो जाने के बाद पहले से बनी जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। सड़क पर वाहनों का भारी दबाव और सीमित जगह होने के कारण आवाजाही लगभग ठप हो गई।

जाम का असर साहिबगंज, टुंडी और बलियापुर जाने वाले मार्गों पर भी पड़ा। कई छोटे-बड़े वाहन घंटों तक फंसे रहे।

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और अतिक्रमण भी वजह

स्थानीय स्तर पर जाम के पीछे गोविंदपुर मोड़ पर बढ़ता वाहनों का दबाव और यातायात नियमों का प्रभावी पालन नहीं होना भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।

बलियापुर से आने वाले बड़े वाहनों के लिए गोल बिल्डिंग, आठ लेन और किसान चौक होते हुए जीटी रोड तक पहुंचने का निर्धारित मार्ग है। इसका उद्देश्य गोविंदपुर मोड़ पर वाहनों का दबाव कम करना है। हालांकि, इस व्यवस्था का प्रभावी पालन नहीं होने की बात सामने आ रही है।

इसके अलावा गोविंदपुर बाजार में सड़क किनारे अतिक्रमण भी यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। सड़क की सीमित चौड़ाई और भारी वाहनों के दबाव के कारण छोटी सी बाधा भी लंबा जाम खड़ा कर देती है।

महाजाम का असर स्कूलों पर भी पड़ा

गोविंदपुर के इस महाजाम का असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा। धनबाद से गोविंदपुर जाने वाली कई स्कूल बस और वैन जाम में फंस गईं और समय पर स्कूल नहीं पहुंच सकीं।

इसके चलते कुछ निजी स्कूलों को बंद करना पड़ा। वहीं जिन स्कूलों में परीक्षा निर्धारित थी, वहां परीक्षा तक रद्द करनी पड़ी

इससे अभिभावकों और विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

एलिवेटेड रोड निर्माण से भी बढ़ा यातायात दबाव

गोविंदपुर के कौआबांध में एलिवेटेड मार्ग का निर्माण चल रहा है। इसके तहत सड़क पर खंभों पर गर्डर बैठाने का काम किया जा रहा है।

निर्माण कार्य के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही और दबाव बढ़ गया है। जिस एलिवेटेड मार्ग से भविष्य में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है, फिलहाल उसके निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों और यात्रियों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार जाम से कारोबार भी प्रभावित

गोविंदपुर में लगातार जाम की समस्या का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ने लगा है। वाहन चालक जाम की आशंका के कारण इस मार्ग से गुजरने से बचने लगे हैं।

स्थानीय कारोबारियों को चिंता है कि यदि यातायात व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले पर्व-त्योहारों के दौरान इसका असर बाजार और व्यापार पर और बढ़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

16 किलोमीटर तक फैले इस जाम ने गोविंदपुर की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों की मांग है कि ट्रैफिक प्रबंधन, सड़क किनारे अतिक्रमण और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।