कमाल कर दिखाया TATA MOTORS HOSPITAL के डॉक्टरों ने, 72 साल की महिला ने होश में रहकर देखी अपनी Brain Surgery

Jharkhand Desk: टाटा मोटर्स अस्पताल ने हेल्थ के फील्ड में एक अहम सफलता या यूं कह सकते है नयी मिसाल कायम की है. गोविंदपुर निवासी 72 वर्षीय भगवती देवी के ब्रेन में ट्यूमर का सफल ऑपरेशन अवेक क्रैनियोटॉमी तकनीक से किया गया. इस दौरान मरीज पूरी तरह होश में थीं और सामने लगी स्क्रीन पर अपनी सर्जरी को लाइव देखती रहीं. सर्जरी का संचालन करनेवाले अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. हार्दिक सिरोया ने किया.
 

टाटा मोटर्स अस्पताल ने हेल्थ के फील्ड में एक अहम सफलता या यूं कह सकते है नयी मिसाल कायम की है. गोविंदपुर निवासी 72 वर्षीय भगवती देवी के ब्रेन में ट्यूमर का सफल ऑपरेशन अवेक क्रैनियोटॉमी तकनीक से किया गया. इस दौरान मरीज पूरी तरह होश में थीं और सामने लगी स्क्रीन पर अपनी सर्जरी को लाइव देखती रहीं. सर्जरी का संचालन करनेवाले अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. हार्दिक सिरोया ने किया.

Jharkhand Desk: टाटा मोटर्स अस्पताल ने हेल्थ के फील्ड में एक अहम सफलता या यूं कह सकते है नयी मिसाल कायम की है. गोविंदपुर निवासी 72 वर्षीय भगवती देवी के ब्रेन में ट्यूमर का सफल ऑपरेशन अवेक क्रैनियोटॉमी तकनीक से किया गया. 

इस दौरान मरीज पूरी तरह होश में थीं और सामने लगी स्क्रीन पर अपनी सर्जरी को लाइव देखती रहीं. सर्जरी का संचालन करनेवाले अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. हार्दिक सिरोया ने किया. उनकी टीम में डॉ. स्वस्तिका चक्रवर्ती और एनेस्थीसिया विभाग के एक्सपर्ट शामिल थे. हालांकि यह सर्जरी नार्मल सर्जरी तो बिलकुल भी नहीं थी लेकिन डॉक्टर्स की टीम इस जोखिम भरे सर्जरी को मुमकिन कर दिखाया। 

ये सर्जरी डॉक्टर्स के लिए चुनौतीपूर्ण इसलिए भी रहा क्योंकि मरीज बुजुर्ग थीं और उन्हें उच्च रक्तचाप के साथ-साथ बोलने और याददाश्त की कमी की समस्या भी थी.

कैसे हुई सर्जरी
टाटा मोटर्स अस्पताल के हेड मेडिकल सर्विसेज डॉ. संजय कुमार ने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए अवेक क्रैनियोटॉमी तकनीक अपनाई गयी. इसमें ऑपरेशन के दौरान मरीज को जागृत रखा जाता है, ताकि डॉक्टर लगातार उनकी वाणी और स्मृति की जांच कर सकें. इससे ऑपरेशन न केवल सुरक्षित हुआ बल्कि मरीज को मानसिक रूप से भी मजबूती मिली. फिलहाल भगवती देवी की स्थिति स्थिर है और वे तेजी से स्वस्थ हो रही हैं. यह उपलब्धि टाटा मोटर्स अस्पताल की उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता का प्रमाण है, जिसने जटिल सर्जरी को भी संभव बना दिया.

डॉक्टर का बयान
यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था, खासकर क्योंकि मरीज बुजुर्ग थी और उन्हें उच्च रक्तचाप के साथ-साथ बोलने और याददाश्त की समस्या भी थी. हमारी टीम ने अवेक क्रैनियोटॉमी तकनीक से सर्जरी की योजना बनायी. इस तकनीक की खासियत है कि मरीज ट्यूमर डीकंप्रेशन के दौरान जागा रहता है, ताकि सर्जरी के बाद बोलने और भाषा पर कोई असर न पड़े.