ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, पलामू में 3.46 लाख अनॉमली वोटर्स..अब घर-घर पहुंचेगा नोटिस...

Palamu: SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले पलामू जिले में 17,64,947 मतदाता दर्ज थे. सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म के सत्यापन के बाद 2,65,651 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या घटकर 14,99,296 रह गई.
 

Palamu: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तहत पलामू जिले की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है. सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी इस सूची में 3,46,596 अनॉमली (विसंगति वाले) वोटर्स की पहचान की गई है. जिला प्रशासन अब इन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी कर उनके दावों और आपत्तियों की सुनवाई करेगा.

ड्राफ्ट सूची में घटी मतदाताओं की संख्या

SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले पलामू जिले में 17,64,947 मतदाता दर्ज थे. सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म के सत्यापन के बाद 2,65,651 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या घटकर 14,99,296 रह गई. इसी सूची में 3.46 लाख अनॉमली वोटर्स चिन्हित किए गए हैं.

क्या है 'अनॉमली वोटर'?

अनॉमली वोटर ऐसे मतदाता हैं, जिनके सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म और पूर्व रिकॉर्ड के बीच किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है. इसका मतलब यह नहीं है कि उनका नाम स्वतः हटा दिया गया है, बल्कि उनके दस्तावेजों और विवरणों का सत्यापन किया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

सभी को भेजा जाएगा नोटिस

पलामू जिला प्रशासन ने अनॉमली वोटरों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है. नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा. इसके लिए जिले के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन 100 से 150 मामलों की सुनवाई करेगा. निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर यह संख्या बढ़ाकर 200 से अधिक भी की जा सकती है.

दावा और आपत्ति के लिए विशेष कैंप

जिला प्रशासन ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किया है.

  • 8 और 9 अगस्त: पहला दावा एवं आपत्ति शिविर
  • 15 अगस्त: पूरे जिले में ग्राम सभाओं का आयोजन
  • 22 और 23 अगस्त: दूसरा दावा एवं आपत्ति शिविर

इन शिविरों में मतदाता अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों को दूर करा सकेंगे.

डीसी बोले- बड़ी चुनौती है प्रक्रिया

पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि जिले में ASDDF और अनॉमली वोटरों की संख्या काफी अधिक है. ऐसे में बड़े पैमाने पर नोटिस जारी करना और समयबद्ध तरीके से सभी दावों की सुनवाई कराना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है. हालांकि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी.

किन आधारों पर हुई अनॉमली की पहचान?

निर्वाचन विभाग ने अनॉमली वोटरों की पहचान के लिए 15 अलग-अलग मानक निर्धारित किए हैं. इनमें प्रमुख हैं-

  • अभिभावक और मतदाता की उम्र में 15 वर्ष से कम का अंतर.
  • पिछले रिकॉर्ड की तुलना में 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र का असामान्य अंतर.
  • पहले पिता के नाम से जुड़ाव, जबकि वर्तमान सूची में माता के नाम से जुड़ाव.
  • एक ही व्यक्ति को कई लोगों द्वारा माता-पिता या दादा-दादी के रूप में दर्शाना.
  • पिछले SIR की तुलना में अभिभावक का नाम बदल जाना.
  • पहले पति का नाम और अब पिता का नाम दर्ज होना या इसके विपरीत.
  • अन्य दस्तावेजी और पारिवारिक विवरणों में पाई गई विसंगतियां.

निर्वाचन विभाग का कहना है कि इन मामलों की व्यक्तिगत सुनवाई और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी.