शिक्षा विभाग सख्त: झारखंड में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को अंतिम मौका, तय समय तक करना होगा ऑनलाइन अप्लाई...
Ranchi: झारखंड में संचालित गैर मान्यता प्राप्त निजी और गैर सरकारी स्कूलों को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि कक्षा 1 से 8 तक संचालित सभी ऐसे स्कूलों को 8 अप्रैल 2026 तक हर हाल में मान्यता के लिए आवेदन करना होगा. तय समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अपनाएं जल्द
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के निर्देश पर जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है. रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के सभी निजी स्कूल संचालकों, प्राचार्यों और प्रबंधन समितियों को निर्देशित किया है कि वे विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें. प्रशासन ने साफ किया है कि यह प्रक्रिया अनिवार्य है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
विभाग ने जारी की मानकों की जानकारी
आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी पूरी जानकारी विस्तार से देनी होगी. इसमें आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता, छात्रों की नामांकन संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं का सही और अद्यतन विवरण शामिल करना अनिवार्य किया गया है. विभाग का मानना है कि इन मानकों के जरिए ही बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है.
इस तरीके से अपनाएं प्रक्रिया
स्कूलों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया है. स्कूल प्रबंधन इन दस्तावेजों को डाउनलोड कर आवेदन प्रक्रिया को समझ सकते हैं और उसे सही तरीके से पूरा कर सकते हैं.
स्कूलों को बंद करने तक की कार्रवाई
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जो स्कूल निर्धारित समय सीमा तक आवेदन नहीं करेंगे या मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ झारखंड शिक्षा अधिकार नियमावली 2011 (संशोधित 2019 एवं 2025) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसमें स्कूलों को बंद करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है.
शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं पारदर्शिता सबसे अहम
इस कदम को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. विभाग का उद्देश्य है कि राज्य में संचालित सभी स्कूल तय मानकों के अनुरूप हों, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित माहौल भी मिल सके.