23 करोड़ के पेयजल घोटाले का पर्दाफाश, प्रवर्तन निदेशालय ने संतोष समेत तीन पर दायर की चार्जशीट...

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, रांची प्रमंडल और जल जीवन मिशन के कार्यों में भारी अनियमितता सामने आई थी. जांच में पाया गया है कि विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों की मिलीभगत से 72 चेक के जरिए करीब 23 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी की गई. ईडी ने रांची के सदर थाना में दर्ज केस के आधार पर ईसीआईआर संख्या 4/24 दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. इससे पहले अक्टूबर 2024 में ईडी ने इस मामले में तत्कालीन सचिव, मंत्री के करीबी लोगों और विभाग के कई इंजीनियरों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.
 

Ranchi: राज्य में सामने आए पेयजल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस बहुचर्चित घोटाले में संतोष समेत तीन आरोपियों को नामजद किया गया है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है.

कैसे सामने आया घोटाला

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि पेयजल योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाने से फर्जी बिल, जाली दस्तावेज और फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की निकासी की गई. जिन योजनाओं के लिए भुगतान दिखाया गया, वे या तो अधूरी थीं या जमीन पर मौजूद ही नहीं थीं. जांच एजेंसी के अनुसार, योजनाओं की स्वीकृति से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया में सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी की गई, ताकि सरकारी धन को निजी खातों में पहुंचाया जा सके.

ED की जांच में क्या आया सामने

प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में बताया गया है कि

  • फर्जी वर्क ऑर्डर और बिल तैयार किए गए
  • बिना काम हुए भुगतान दिखाया गया
  • पैसों को अलग-अलग खातों में घुमा कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई
  • कई दस्तावेजों में हस्ताक्षर और मुहर तक फर्जी पाए गए

ईडी ने जांच के दौरान बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को आधार बनाया है.

संतोष समेत तीन आरोपी नामजद

चार्जशीट में संतोष समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है. ईडी का दावा है कि इन लोगों की भूमिका केवल कागजी नहीं, बल्कि पूरे घोटाले की योजना और क्रियान्वयन में अहम रही. एजेंसी अब यह भी जांच कर रही है कि इस घोटाले में और किन अधिकारियों या ठेकेदारों की संलिप्तता रही है.

संपत्ति अटैचमेंट की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, ईडी आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा खंगाल रही है. जांच में यदि अवैध संपत्ति की पुष्टि होती है तो आने वाले दिनों में अटैचमेंट की कार्रवाई भी की जा सकती है इससे पहले भी ईडी ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी और दस्तावेज जब्ती की थी.

विपक्ष का हमला, सरकार की सफाई

चार्जशीट दाखिल होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. विपक्ष का आरोप है कि पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत में भी भ्रष्टाचार कर जनता के हक का पैसा लूटा गया. वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

आगे क्या

अब इस मामले में अदालत में सुनवाई होगी। ईडी की चार्जशीट के आधार पर आगे

  • आरोप तय होंगे
  • गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे
  • और दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा संभव है

फिलहाल, 23 करोड़ की फर्जी निकासी से जुड़ा यह मामला राज्य के सबसे बड़े पेयजल घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.