झारखंड में मानसून का मिला-जुला असर, कुल बारिश सामान्य के करीब; पश्चिमी सिंहभूम में 51% ज्यादा तो पाकुड़ में 47% कम
Jharkhand News: झारखंड में इस मानसून सीजन अब तक कुल मिलाकर बारिश सामान्य के करीब रही है, लेकिन अलग-अलग जिलों में इसका वितरण काफी असमान रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 4 सितंबर 2026 के बीच राज्य में 822.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य वर्षापात 831.8 मिमी है। यानी राज्य में कुल बारिश सामान्य से महज 1 प्रतिशत कम रही।
पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 51% अधिक बारिश
जिलावार स्थिति देखें तो पश्चिमी सिंहभूम में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां अब तक 1268.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षापात 839.2 मिमी है। इस तरह जिले में सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जिसे मौसम विभाग ने अतिवृष्टि की श्रेणी में रखा है।
7 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
राज्य के 7 जिलों में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रही। इनमें पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, रांची, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा शामिल हैं।
इनमें सरायकेला-खरसावां में 19%, लातेहार में 18%, रांची में 15% और पूर्वी सिंहभूम में 11% अधिक बारिश हुई। वहीं सिमडेगा में 5%, लोहरदगा में 3% और खूंटी में 1% अधिक वर्षा दर्ज की गई।
16 जिलों में बारिश की कमी
इसके उलट राज्य के 16 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इनमें बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, कोडरमा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़ और साहिबगंज शामिल हैं।
बारिश की कमी के मामले में पाकुड़ सबसे आगे है। जिले में 1 जून से 4 सितंबर तक 495.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य वर्षापात 935.7 मिमी है। यानी यहां 47 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसके बाद देवघर में 34%, चतरा में 32%, कोडरमा में 24%, गिरिडीह और गुमला में 23-23% तथा हजारीबाग में 21% बारिश की कमी रही।
गोड्डा में 18%, गढ़वा में 15%, दुमका और पलामू में 11-11%, बोकारो में 10% और रामगढ़ में 6% कम बारिश हुई। वहीं धनबाद और जामताड़ा में सामान्य से सिर्फ 2-2 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।
7 सितंबर तक बारिश और वज्रपात का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार 5 से 7 सितंबर के बीच झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तापमान में मामूली बढ़ोतरी की भी संभावना है।
वहीं 8 सितंबर से राज्य के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर झारखंड में मानसून की तस्वीर सामान्य के आसपास जरूर है, लेकिन जिलेवार आंकड़े बारिश के असमान वितरण की कहानी बता रहे हैं। कोल्हान क्षेत्र के पश्चिमी सिंहभूम में जहां जमकर बारिश हुई, वहीं संथाल और उत्तरी झारखंड के कई जिलों में बारिश की कमी चिंता का कारण बनी हुई है।