सीटें कम, संकेत बड़े: असम चुनाव रुझानों पर झामुमो का बयान, भविष्य की राजनीति का लॉन्चिंग पैड

Ranchi: असम विधानसभा चुनाव के रुझान सामने आने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने संतोष जताया है. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि भले ही रुझान निर्णायक न हों, लेकिन इन चुनावों के जरिए झामुमो ने असम में अपने संगठन को मजबूत करने का “लॉन्चिंग पैड” तैयार कर लिया है.
 

Ranchi: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए मतों की गणना हो रही है. असम और पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा सरकार बनाती दिख रही है तो केरलम में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. असम विधानसभा चुनाव इस बार बेहद गंभीरता से लड़ने वाली पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने असम के चुनावी रुझान और नतीजों पर संतोष जताया है.

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने असम में पहली बार स्वतंत्र चुनाव लड़ा और आप देखेंगे कि जब मतगणना समाप्त होगा और पूरे आंकड़े आएंगे तो पता चल जाएगा कि झामुमो को कितना वोट मिला है. मनोज पांडेय ने कहा कि पहली बार में इतना ज्यादा वोट झामुमो को असम में मिला है. वहां हमारे पक्ष में जन समर्थन दिखा है, हमारे नेता हेमंत सोरेन के प्रति लोगों में लोकप्रियता दिखी है.

मनोज पांडेय ने कहा कि चुनाव अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है और हम यह मान कर चल रहे हैं कि असम में पार्टी का एक लॉन्चिंग पैड तैयार हुआ है, भविष्य के लिए आने वाले समय में हम और बेहतर करेंगे.

उन्होंने कहा कि बंगाल में निश्चित रूप से जो कयास लगाए जा रहे थे, उससे अलग हटकर रुझान आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के नतीजे अप्रत्याशित हैं किसी को उम्मीद नहीं थी कि वहां पर इस तरह के नतीजे आएंगे. मनोज पांडेय ने कहा कि मौजूदा चुनाव व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा प्रश्न चिह्न है. इस पर सवाल उठेंगे कि जहां कोई संभावना भी नहीं होती वहां-वहां भाजपा अच्छा परिणाम दे रही है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि कुछ ऐसी टेक्नोलॉजी का इजाद हो गया है जिसका कमांड पूरी तरह से भाजपा मुख्यालय के हाथों में हो.