झारखंड नगर निकाय चुनाव में कई महिला प्रत्याशी आजमा रही अपनी किस्मत, नौ नगर निगम सीटों पर दो महिलाओं का मेयर बनना तय...
Ranchi: राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 27 और झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के नियम 9 के उपनियम (2) के तहत मेयर/महापौर के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं.
Feb 10, 2026, 15:55 IST
Ranchi: झारखंड में कुल 48 नगर निकायों के लिए चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत में मेयर, अध्यक्ष, वार्ड सदस्य के लिए प्रत्याशी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं.
तमाम पार्टियों द्वारा बड़े पदों पर प्रत्याशियों के समर्थन की घोषणा के बीच बागियों के मैदान में उतरने से चुनाव दिलचस्प हो गया है. सबसे ज्यादा नजर नौ नगर निगम में मेयर के पद पर टिकी है.
खासकर पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. इन सबके बीच नौ नगर निगम में दो महिलाओं और एससी-ओबीसी के खाते में एक-एक सीट जाना तय है.
दो महिलाओं का मेयर बनना क्यों है तय
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 27 और झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के नियम 9 के उपनियम (2) के तहत मेयर/महापौर के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं.
इसके तहत सभी नौ सीटों को अनारक्षित, एसटी, एससी और ओबीसी-1 में बांटा गया है. इसमें आधी आबादी का दबदबा बनना तय है. क्योंकि अनारक्षित कोटे की दो सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.
साथ ही अन्य सात आरक्षित सीटों पर भी उसी वर्ग की महिलाएं चुनाव जीतने पर मेयर बन सकती हैं.
दरअसल, कुल नौ नगर निगम समेत सभी 48 नगर निकायों के लिए 23 फरवरी को मतदान होना है. मतो की गिनती 27 फरवरी को होगी. अब सवाल है कि नगर निगम की कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित है.
इस डाटा के मुताबिक एसटी कोटे से दो, ओबीसी-1 से एक और एससी कोटे से एक-एक मेयर बनना तय है. खास बात है कि पांचों रिजर्व सीटें अन्य के लिए हैं .
इसके तहत आरक्षित कोटे के पुरुष के साथ साथ महिला प्रत्याशी भी चुनाव जीतकर मेयर बन सकती हैं. शेष चार अनारक्षित सीटों में से मेदिनीनगर और मानगो की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.
लिहाजा, यहां महिला ही मेयर बनेंगी. शेष दो अनारक्षित सीटें अन्य के लिए हैं. ऐसे में यहां महिला और पुरुष में से कोई भी मेयर बन सकता है. कुल मिलाकर आधी आबादी के सामने शहर की सरकार की कमान थामने का सुनहरा अवसर है.