झारखंड के बजट को लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में पेश किया भारी भरकम बजट, बजट में सोशल सेक्टर, शिक्षा और स्वास्थ्य पर दिया गया ज्यादा ध्यान
Ranchi: झारखंड सरकार के द्वारा एक बार फिर भारी भरकम बजट पेश किया गया है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने के बाद ईटीवी भारत संवाददाता भुवन किशोर झा के साथ खास बातचीत में कहा कि इस बजट में सोशल सेक्टर, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दिया गया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के तुलना में करीब 9% ज्यादा का प्रावधान करते हुए 1,58,560 करोड़ का रखा गया है. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व व्यय के लिए 1,20,851.90 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जो पिछले वर्ष से 9.2 प्रतिशत अधिक है. पूंजीगत व्यय अन्तर्गत गत वर्ष के बजट पर 8.5 प्रतिशत वृद्धि के साथ 37,708.10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में है.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मौके पर कहा कि राज्य अपने आंतरिक श्रोत को बढाकर अपने पैर पर खड़ा होना चाहती है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राजनीति के तहत राज्य के अंशदान में लगातार कटौती कर रही है. इसके लिए हमें अपने आंतरिक श्रोत को मजबूत करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि हमारा आमदनी कर राजस्व से 46,000 करोड़ रुपये तथा गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़ रुपये तथा केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़ रुपये, लोक ऋण से 22049.96 करोड़ रुपये एवं उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो कि अनुमानित GSDP का 2.18 प्रतिशत है. वर्तमान मूल्य पर झारखंड का GSDP वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 5 लाख 16 हजार करोड़ रुपये रहा. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास होगा कि अगले 5 वर्षों में इसे दोगुना किया जाए. इसके लिए हमें वर्तमान मूल्य पर करीब 14 प्रतिशत का विकास करना होगा. स्थिर मूल्य पर यह करीब 9 से 10 प्रतिशत की विकास दर होगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि 14.1 प्रतिशत की लक्षित विकास दर राज्य के मौजूदा संसाधनों का उपयोग करके, बाहरी कारकों, विशेष रूप से सूखे के प्रभाव को निष्प्रभावी करके और विकास को बढ़ावा देने वाले उपायों को लागू करके हासिल की जाएगी. इस क्रम में ग्रोथ इंजन कृषि, उद्योग, भौतिक संरचनाओं का विकास, वित्तीय सेक्टर का विकास स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा पर विशेष बल दिया जाएगा.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य के चतरा जिला मुख्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी. कैंसर रोग की रोकथाम के लिए झारखंड के सभी पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में PET & CT Scan मशीन का अधिष्ठापन किया जाएगा. प्रारंभिक अवस्था में ही ब्रेस्ट कैंसर रोग की पहचान कर लिए जाने के उद्देश्य से राज्य के सभी 24 जिला सदर अस्पताल में मैमोग्राफी मशीन स्थापित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कैथलैब की स्थापना की जाएगी.
इसके अलावा राज्य में 750 अबुआ दवाखाना खोले जाने का लक्ष्य है. इसके माध्यम से लोगों में सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवा उपलब्ध करायी जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य के 06 चयनित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से AI विषय पर प्रशिक्षण प्रारंभ करने की योजना है. इसके अलावा सरकार लघु वन पदार्थ का उन्नयन योजना के अंतर्गत पलामू वन प्रमंडल के कन्दरी लाह फॉर्म का जोर्णोद्धार एवं विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि लाह उत्पादन में वृद्धि हो सके एवं स्थानीय ग्रामीणों को आय के साथ-साथ रोजगार का सृजन हो सके.
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1644 किमी पथ का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए पथों के निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है. वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 122 पुल का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुलों के निर्माण कार्य के लिए 730 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है. इसके अलावा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) मंच के माध्यम से झारखंड ने 01 लाख 24 हजार 230 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए. जिनसे इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और अवसंरचना क्षेत्रों में लगभग 45 हजार रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है.