मजदूरों की आवाज बुलंद करने वाले पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक का निधन, झारखंड कांग्रेस ने खोया अपना वरिष्ठ नेता

Ranchi: कोयलांचल क्षेत्र में वे मजदूरों की आवाज बुलंद करने वाले नेताओं में गिने जाते थे. बाद में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और धनबाद से विधायक बने. वे झारखंड सरकार में मंत्री भी रहे और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई. 
 

Ranchi: झारखंड के पूर्व मंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और धनबाद के पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक का मंगलवार को रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वे 83 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. उनके निधन से झारखंड की राजनीति और कांग्रेस संगठन में शोक की लहर दौड़ गई.

लंबे समय से थे बीमार

जानकारी के अनुसार, मन्नान मल्लिक का पिछले कुछ समय से रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया.

श्रमिक राजनीति से बनाई अलग पहचान

मन्नान मल्लिक ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत श्रमिक आंदोलनों से की थी. कोयलांचल क्षेत्र में वे मजदूरों की आवाज बुलंद करने वाले नेताओं में गिने जाते थे. बाद में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और धनबाद से विधायक बने. वे झारखंड सरकार में मंत्री भी रहे और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई. 

राजनीतिक जगत ने दी श्रद्धांजलि

उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए इसे झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मन्नान मल्लिक ने अपना पूरा जीवन जनसेवा और संगठन को मजबूत करने में समर्पित किया.

हाल ही में आए थे चर्चा में

मन्नान मल्लिक हाल के दिनों में एक पुराने मामले में अदालत के फैसले के कारण भी चर्चा में रहे थे. हालांकि, उनके निधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और जनसेवा को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की.