शराब Factory में छापेमारी के दौरान पूर्व RJD MLC गिरफ्तार, भारी मात्रा में शराब और उपकरण बरामद
Ranchi: रांची में अवैध शराब निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने एक अवैध शराब फैक्ट्री पर छापेमारी की. इस दौरान भारी मात्रा में शराब, निर्माण सामग्री और उपकरण बरामद किए गए. कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व एमएलसी रणविजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया. प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री के संचालन और अवैध गतिविधियों से उनके कथित संबंधों की जांच की जा रही है.
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में तैयार शराब, स्पिरिट, नकली लेबल, पैकेजिंग सामग्री और अन्य उपकरण जब्त किए. पुलिस का कहना है कि यह अवैध नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और इसकी अन्य राज्यों तक भी पहुंच होने की आशंका है.
क्या है पूरा मामला
रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 303 पेटी विदेशी शराब जब्त किया है. कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री के मालिक राजद नेता और पूर्व एमएलसी सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत राय को गिरफ्तार किया गया है. ओरमांझी थाना प्रभारी मनोज कुमार ने तीनों के गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
उत्पाद विभाग के अफसरों से मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में शुरू की गई थी. टीम ने फैक्ट्री के गोदामों और उत्पादन क्षेत्र से बड़ी मात्रा में संदिग्ध शराब, पैकेजिंग सामग्री और फर्जी लेबल बरामद किए. बरामद माल पर नामी ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर उसे सस्ते दाम पर बाजार में उतारा जा रहा था. जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था.
जांच में पता चला कि प्लांट में कम से कम तीन अलग-अलग ब्रांड के नाम पर अवैध रूप से शराब तैयार की जा रही थी. कई बोतलों पर 'For Sale Only in UP' का लेबल लगा मिला, जिससे आरोप है कि शराब को उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाजारों में भेजने के लिए तैयार किया जा रहा था. जांच टीम को पैकिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही सामग्री और लेबलिंग के उपकरण भी मिले हैं.
पहले भी हुआ है रेड
ओरमांझी पुलिस ने बताया कि यह मामला नया नहीं है. मार्च 2023 में भी इसी फैक्ट्री पर छापेमारी हुई थी. उस समय 108 बोतल अवैध शराब बरामद हुई थीं और फैक्ट्री को सील कर कारण बताओ नोटिस दिया गया था. जिसके बाद फैक्ट्री संचालन बंद हुआ था. लेकिन अब फिर से उत्पादन और पैकिंग शुरू होने के सबूत मिले हैं.