आंगनबाड़ी नौकरी में फर्जीवाड़ा! फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर हासिल किया नौकरी, जांच में खुला राज, अब दर्ज हुई FIR
Dumka: जिले के रानीश्वर प्रखंड स्थित भुड़ावाली आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका के पद पर चयनित पूजा दास के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। विभागीय सत्यापन में प्रमाण पत्र सही नहीं पाए जाने के बाद उनका चयन रद्द कर दिया गया है। मंगलवार को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में आवेदन भी दिया गया है।
सेविका की मौत के बाद बहू ने किया था आवेदन
मामला भुड़ावाली आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा है। यहां सेविका के पद पर कार्यरत पुतुलरानी दास की 23 जून 2024 को मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी आश्रित बहू पूजा दास ने नियमों के तहत प्राथमिकता के आधार पर आंगनबाड़ी सेविका के पद के लिए आवेदन किया था।
पहली आमसभा में नहीं हो सका चयन
सेविका के चयन के लिए 8 फरवरी को आमसभा आयोजित की गई थी। हालांकि, इस दौरान कोई भी आवेदिका निर्धारित योग्यता पूरी नहीं कर सकी। इसके कारण आमसभा को रद्द कर दिया गया और चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके बाद 11 नवंबर 2025 को तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की मौजूदगी में दोबारा आमसभा आयोजित की गई। इस दौरान पूजा दास समेत तीन महिलाओं ने सेविका पद के लिए आवेदन किया।
आश्रित बहू होने के कारण मिली प्राथमिकता
आश्रित बहू होने के कारण पूजा दास को नियमानुसार प्राथमिकता दी गई और आमसभा में उनका चयन आंगनबाड़ी सेविका के पद पर कर लिया गया। इसके बाद उनकी नियुक्ति की अनुशंसा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को भेजी गई।
हालांकि, नियुक्ति प्रक्रिया के तहत शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन होने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया।
बोर्ड और स्कूल से सत्यापन के बाद खुला मामला
नियमों के अनुसार चयनित आंगनबाड़ी सेविका के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन संबंधित परीक्षा बोर्ड और विद्यालय से कराया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत बाल विकास परियोजना पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने पूजा दास के शैक्षणिक दस्तावेज संबंधित बोर्ड और विद्यालय को सत्यापन के लिए भेजे।
सत्यापन के बाद प्राप्त रिपोर्ट में प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की बात सामने आई। इसके बाद विभाग ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी।
चयन रद्द, अब FIR की तैयारी
प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने पूजा दास को आंगनबाड़ी सेविका के पद से चयनमुक्त कर दिया है। साथ ही मंगलवार को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने में आवेदन दिया गया।
अब पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित फर्जी प्रमाण पत्र कहां से तैयार किए गए और इसके इस्तेमाल में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
यह मामला आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन की अहमियत को भी सामने लाता है। विभागीय जांच के बाद अब पुलिस कार्रवाई के परिणाम पर नजर रहेगी।