रांची के रिंग रोड पर लगातार हो रहे सड़क हादसे, केवल रांची के आंकड़े डराने वाले, क्या है वजहें?

Ranchi: 2025 में, अकेले रांची में सड़क हादसों में 527 लोगों की मौत हो गई. रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट और रोड सेफ्टी ऑफिस के आंकड़ो से पता चलता है कि जनवरी से दिसंबर 2025 तक रांची में 791 सड़क हादसे हुए, जिनमें 527 मौतें हुईं और 413 घायल हुए...
 
Ranchi: राजधानी रांची को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए रांची के चारों ओर एक शानदार रिंग रोड का निर्माण कराया गया है. लेकिन, रिंग रोड पर स्पीड लिमिट न होने की वजह से अक्सर सड़क हादसे हो रहे हैं. इस वजह से लोगों की जान जा रही है और गाड़ियों को भी काफी नुकसान हो रहा है.
2025 में, अकेले रांची में सड़क हादसों में 527 लोगों की मौत हो गई. रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट और रोड सेफ्टी ऑफिस के आंकड़ो से पता चलता है कि जनवरी से दिसंबर 2025 तक रांची में 791 सड़क हादसे हुए, जिनमें 527 मौतें हुईं और 413 घायल हुए.
घायल हुए लोगों में से कई जिंदगी भर के लिए अपाहिज हो गए. आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा हादसे रांची रिंग रोड और रांची-जमशेदपुर हाईवे पर हुए.
क्या है वजहें
जब सड़क हादसों की रिपोर्ट तैयार की जाती है तब आखिर सड़क हादसे क्यों हुए? इसकी पड़ताल भी की जाती है. पड़ताल में जो बातें सामने आई हैं वह बेहद चौंकाने वाली हैं. सड़क हादसों की सबसे प्रमुख वजह तेज रफ्तार है.
वहीं दूसरी वजह शराब है. हाल में ही झारखंड पुलिस के एडीजी अभियान के द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की गई थी. बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि सड़क हादसों की प्रमुख वजह तेज रफ्तार में वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना और बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाना है.
राजधानी रांची के रिंग रोड पर युवाओं का स्टंट भी एक बड़ी समस्या बन गयी है. रांची के नामकुम क्षेत्र के रहने वाले पीयूष बताते हैं कि पहले सुबह और दोपहर के समय बाइकर्स गैंग का रिंग रोड पर कब्जा रहता है.
वह तरह-तरह के स्टंट करते हैं जिनकी वजह से दूसरे लोग हादसों का शिकार होते हैं. इस पर नकेल कसना बेहद जरूरी है.
राजधानी रांची के आसपास बेहतरीन सड़कें बनाई गई हैं. उनमें रिंग रोड भी शामिल है. आंकड़े बताते हैं कि रिंग रोड पर सबसे ज्यादा हादसे सामने आए हैं और जान भी सबसे अधिक रिंग रोड पर हुए सड़क हादसों में ही गई है. इन सबके पीछे सबसे प्रमुख वजह है स्पीड लिमिट का नहीं होना. रांची रिंग रोड पर चलने वाले किसी भी तरह के वाहनों के लिए कोई स्पीड लिमिट नहीं है.
इन सड़कों पर न तो स्पीड के लिए चालान कटता है और न ही किसी तरह का जुर्माना लगाया जाता है. नतीजा यह है कि वाहन चालक बेखौफ होकर तेज रफ्तार के साथ अपने वाहन चलाते हैं. इसकी वजह से कभी राहगीर सड़क हादसों का शिकार होते हैं तो कभी तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन.
दूसरे राज्यों में क्या है व्यवस्था
दरअसल, कई राज्यों में रिंग रोड और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए स्पीड लिमिट के बोर्ड लगे होते हैं और स्पीड लिमिट को मापने के लिए जगह-जगह कैमरे लगाए हुए होते हैं.
अगर किसी रोड पर या रिंग रोड पर वाहनों की स्पीड की सीमा 40 किलोमीटर है और अगर वाहन उससे ज्यादा तेज चलते हैं तो उनका चालान अपने आप कट जाता है. देश के कई राज्यों में यह सिस्टम काम कर रहा है जिसके चलते उन राज्यों में सड़क हादसों पर कंट्रोल हो रहा है.
दूसरे राज्यों में स्पीड लिमिट से जुड़े होर्डिंग भी हाईवे और रिंग रोड पर लगाए गए हैं, जिसे देखकर चालक समझ जाता है कि अगर वह ज्यादा स्पीड से वहां चलाएगा तो उसका चालान कट जाएगा.
राजधानी रांची में ही केवल साल 2025 में 527 लोग सड़क हादसों में बेमौत मारे गए. वजह स्पष्ट रूप से बस दो ही निकल कर सामने आई. तेज रफ्तार और शराब. झारखंड पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक कुल 6,193 सड़क हादसे दर्ज किए गए. इन हादसों में 4,990 लोगों की जान चली गई. औसतन हर दिन 12 लोगों की मौत झारखंड में सड़क हादसों की वजह से हो रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि हर साल यह आंकड़े बढ़ रहे हैं. साल 2024 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक झारखंड में 5,000 सड़क दुर्घटनाओं के कांड दर्ज किए गए थे. जिसमें 3,800 लोगों की मौत हुई थी.
स्पीड गन कैमरे इंस्टाल करने का प्रयास शुरू
राजधानी रांची में स्पीड लिमिट नहीं होने की वजह से अक्सर सड़क हादसे सामने आ रहे हैं. सड़क हादसों को लेकर ट्रैफिक पुलिस भी खासा परेशान है. स्पीड को लिमिट करने के लिए स्पीड गन कैमरों का इंस्टाल होना बेहद जरूरी है.
पूरे मामले को लेकर रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सीधी बेहद गंभीर दिखे. रांची ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बताया कि सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने के लिए उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र लिखा है और स्पीड लिमिट करने के लिए रिंग रोड सहित विभिन्न जगहों पर स्पीड गन कैमरे लगाने की मांग की है.
रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह यह भी बताया कि जिन इलाकों में युवा स्टंट कर रहे हैं, वहां पर ट्रैफिक जवानों की तैनाती के साथ-साथ इंटरसेप्टर को मूवमेंट पर रखा जाएगा.