संघर्ष से सफलता तक: छोटी कुमारी ने गरीबी को हराकर किया टॉप

JAC Bokaro Student:  अपनी सफलता पर छोटी कुमारी ने कहा कि उनका सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का है. उन्होंने कहा कि यदि परिवार, समाज और प्रशासन का सहयोग मिला तो वह आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी करेंगी. उन्हें विश्वास है कि अवसर मिलने पर वह अपना सपना अवश्य पूरा करेंगी.
 

JAC Bokaro Student: बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के खैराचातर गांव की बेटी छोटी कुमारी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा 2026 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है. छोटी ने 487 अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है उनकी इस उपलब्धि से गांव, विद्यालय और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.

हरनाद हाई स्कूल की छात्रा है

छोटी कुमारी, खैराचातर निवासी भवानी शंकर नायक और माला देवी की पुत्री हैं. वह पीएमश्री क्षेत्रनाथ प्लस टू उच्च विद्यालय हरनाद की छात्रा हैं. सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है. उनके पिता एक साधारण दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी बेटी की पढ़ाई जारी रखी.

आईएएस बन देश सेवा करना चाहती है

अपनी सफलता पर छोटी कुमारी ने कहा कि उनका सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का है. उन्होंने कहा कि यदि परिवार, समाज और प्रशासन का सहयोग मिला तो वह आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी करेंगी. उन्हें विश्वास है कि अवसर मिलने पर वह अपना सपना अवश्य पूरा करेंगी.

छोटी ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के दौरान अचानक अधिक पढ़ाई करने के बजाय नियमित अध्ययन पर ध्यान दिया. वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक लगातार पढ़ाई करती थीं. उनके अनुसार अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. उन्होंने कहा कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई बार बिजली कटने से भी दिक्कत होती थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. पिता ने मजदूरी कर किसी तरह उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया.

शिक्षकों के सहयोग से मिली सफलता

छोटी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया. उन्होंने विशेष रूप से इतिहास के शिक्षक इरशाद अख्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर मार्गदर्शन दिया. छोटी की इस उपलब्धि से खैराचातर गांव सहित पूरे कसमार क्षेत्र में गर्व और उत्साह का वातावरण है. लोग इसे मेहनत, संघर्ष और संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल मान रहे हैं.