जिले के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की किल्लत, लातेहार में आम लोगों की बढ़ी परेशानी...

Latehar: लातेहार जिले में पेट्रोल संकट लगातार गहराता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि कहीं पेट्रोल पंपों पर ताले लटके हैं, कहीं “नो स्टॉक” का बोर्ड लगा है, तो कहीं सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दिया जा रहा है. इस स्थिति ने वाहन चालकों, दिहाड़ी मजदूरों और आपात सेवाओं पर निर्भर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
 

Latehar: लातेहार जिले में पेट्रोल संकट लगातार गहराता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि कहीं पेट्रोल पंपों पर ताले लटके हैं, कहीं “नो स्टॉक” का बोर्ड लगा है, तो कहीं सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दिया जा रहा है. इस स्थिति ने वाहन चालकों, दिहाड़ी मजदूरों और आपात सेवाओं पर निर्भर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई दिनों से नियमित आपूर्ति बाधित होने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों को यह कदम उठाना पड़ा है. सुबह से ही पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.

100 रुपए का ही पेट्रोल दिया जा रहा

दरअसल लातेहार जिला मुख्यालय में मोटरसाइकिल सवार लोगों को पेट्रोल के लिए भटकते देखा गया. कुछ पेट्रोल पंप बंद पड़े थे जिसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी. हालांकि एक दो पेट्रोल पंप पर पेट्रोल मिल रहा था, परंतु यहां भी मोटरसाइकिल को अधिकतम 100 रुपए का ही पेट्रोल दिया जा रहा था.

शादी विवाह के चलते हो रही परेशानी

पेट्रोल की किल्लत से लोग परेशान हो गए हैं. इधर लातेहार बाईपास रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने पहुंचे स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रसाद ने बताया कि पेट्रोल पंप पर ताला लटक रहा है. उन्होंने कहा कि अभी शादी विवाह का समय चल रहा है, ऐसे समय में लोगों को पेट्रोल, डीजल की काफी आवश्यकता होती है. परंतु ऐसे समय में पेट्रोल डीजल की कमी होने से सभी लोग परेशान हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार को तत्काल पहल करने की जरूरत है.

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से समय पर आपूर्ति नहीं मिल पाने और सीमित स्टॉक के कारण यह स्थिति बनी है. वहीं प्रशासन का दावा है कि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर पेट्रोल की आपूर्ति सामान्य की जाएगी. फिलहाल पेट्रोल संकट के चलते आम जनजीवन प्रभावित है और लोग जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

इधर पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मी सिर्फ यह बता रहे हैं कि उन्हें अधिकतम 100 रुपये का पेट्रोल देने का ही निर्देश दिया गया है. इससे अधिक पेट्रोल वे लोग नहीं दे सकते हैं. इसके अलावा पेट्रोल पंप के कर्मी और कुछ भी बताने में असमर्थता जता रहे हैं. वहीं एक पेट्रोल पंप के मैनेजर ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि उनके पेट्रोल पंप पर दो दिनों से पेट्रोल खत्म है. पेट्रोल की आपूर्ति कब होगी इसकी भी जानकारी उन्हें नहीं है.

सिर्फ एलपीजी की मॉनिटरिंग का है अधिकार

इधर इस संबंध में जब लातेहार जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रवण राम से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल आपूर्ति और वितरण की मॉनिटरिंग तेल कंपनियां करती हैं. जिला प्रशासन सिर्फ एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण की मॉनिटरिंग ही करती है.